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महाराष्ट्र: सीएम उद्धव ठाकरे ने सियासी संकट को लेकर किया पीएम मोदी को फोन, कही ये बात

महाराष्ट्र में कोरोना के संकट के साथ सियासी मुसीबत भी उद्धव ठाकरे के लिए किसी चैलेंज से कम नहीं है. यही कारण है कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) से फोन पर बात की. एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक फोन पर उन्होंने पीएम मोदी को महाराष्ट्र के सियासी संकट से अवगत के बारे में अवगत कराया. सीएम उद्धव ठाकरे ने पीएम से मदद के लिए कहा और उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है तो उन्हें इस्तीफा देना होगा. वहीं रिपोर्ट के मुताबिक पीएम मोदी ने कहा कि वह इस मामले को देखेंगे और अधिक जानकारी प्राप्त करेंगे. संविधान के अनुसार किसी सदन का उद्धव ठाकरे को 28 मई से पहले सदस्य बनना आवयश्क है. लेकिन अभी तक उद्धव ठाकरे न तो राज्य की विधानसभा के सदस्‍य बन पाये हैं.

महाराष्ट्र: सीएम उद्धव ठाकरे ने सियासी संकट को लेकर किया पीएम मोदी को फोन, कही ये बात
पीएम मोदी और उद्धव ठाकरे ( Photo Credit: PTI )

महाराष्ट्र में कोरोना के संकट के साथ सियासी मुसीबत भी उद्धव ठाकरे के लिए किसी चैलेंज से कम नहीं है. यही कारण है कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) से फोन पर बात की. एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक फोन पर उन्होंने पीएम मोदी को महाराष्ट्र के सियासी संकट से अवगत के बारे में अवगत कराया. सीएम उद्धव ठाकरे ने पीएम से मदद के लिए कहा और उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है तो उन्हें इस्तीफा देना होगा. वहीं रिपोर्ट के मुताबिक पीएम मोदी ने कहा कि वह इस मामले को देखेंगे और अधिक जानकारी प्राप्त करेंगे. संविधान के अनुसार किसी सदन का उद्धव ठाकरे को 28 मई से पहले सदस्य बनना आवयश्क है. लेकिन अभी तक उद्धव ठाकरे न तो राज्य की विधानसभा के सदस्‍य बन पाये हैं.

अगर उद्धव किसी भी सदन के सदस्य नहीं बन पाते हैं तो ऐसे हालत में उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है. इससे पहले महाराष्ट्र विकास आघाड़ी (Maharashtra Vikas Aghadi) सरकार का समर्थन करने वाले चार पार्टी के नेताओं ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की थी. इस दौरान उन्होंने मंत्रिमंडल की सिफारिश पर विचार करने का निवेदन किया था.

गौरतलब हो कि उद्धव ठाकरे ने पिछले साल 28 नवंबर को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. वर्तमान में उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र विधानसभा के किसी भी सदन के सदस्य नहीं है. जबकि भारत के संविधान के अनुसार किसी भी राज्य का मंत्री या मुख्यमंत्री वहां के विधान परिषद या विधानसभा का सदस्य होना चाहिए. ऐसे में शपथ ग्रहण के छह महीनों के भीतर निर्वाचित होना अनिवार्य है. ऐसे नहीं करने पर पद से इस्तीफा देना पड़ता है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का छह महीने का कार्यकाल 28 मई को पूरा होने जा रहा है. अगर बात नहीं बनी तो उन्हें अपना पद छोड़ना पड़ सकता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 30, 2020 12:26 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).