Maharashtra Flood: 100 लोगों ने गंवाई जान, फंसे हुए लोगों को निकालने में जुटी सेना
लेफ्टिनेंट जनरल जे एस नैन जीओसी-इन-सी (दक्षिणी सेना) ने कहा कि भारतीय सेना ने पुणे के औंध मिल्रिटी स्टेशन और बॉम्बे इंजीनियरिंग ग्रुप से 15 टीमों को तैनात किया है, जबकि नौसेना ने 7 से अधिक टीमों को तैनात किया है. इसके अलावा आईएएफ ने एनडीआरएफ टीमों के परिवहन के लिए हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं. भारतीय तटरक्षक बल ने भी फंसे हुए लोगों को बचाने के लिए दो यूनिट तैनात की हैं.
रायगढ़: महाराष्ट्र (Maharashtra) के रायगढ़ (Raigad), रत्नागिरी (Ratnagiri) और सतारा (Satara) जिलों में मूसलाधार बारिश (Torrential Rains) के बाद पहाड़ियों के खिसकने, भूस्खलन (Landslides), घरों के क्षतिग्रस्त होने जैसी कई घटनाओं में 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. शीर्ष अधिकारियों ने शुक्रवार को यहां बताया कि थल सेना (Army), नौसेना (Navy), वायुसेना (Air Force) और तटरक्षक बल (Coast Guard) फंसे हुए लोगों को बचाने के लिए जी-जान से जुटे हुए हैं. Maharashtra: रत्नागिरी और कोल्हापुर में NDRF की अतरिक्त टीम तैनात करने के लिए शिवसेना के सांसद अरविंद सावंत ने गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय को लिखा पत्र
सीजन की सबसे भीषण त्रासदी में, रायगढ़ के तलिये-मधलीवाड़ी गांव में एक पहाड़ी में कम से कम 50 लोग जिंदा दब गए, जबकि 50 अन्य अभी भी मलबे के नीचे फंसे होने की आशंका है.
इसके अलावा, बारिश से संबंधित विभिन्न घटनाओं में 50 से अधिक लोग मारे गए हैं, जिनमें पोलादपुर (रायगढ़) में 15, मीरगांव (सतारा) में 12, खेड़ (रत्नागिरी) में 11, सतारा में आधा दर्जन लोग और मुंबई में 4 लोगों की जान गई है.
लेफ्टिनेंट जनरल जे एस नैन जीओसी-इन-सी (दक्षिणी सेना) ने कहा कि भारतीय सेना ने पुणे के औंध मिल्रिटी स्टेशन और बॉम्बे इंजीनियरिंग ग्रुप से 15 टीमों को तैनात किया है, जबकि नौसेना ने 7 से अधिक टीमों को तैनात किया है. इसके अलावा आईएएफ ने एनडीआरएफ टीमों के परिवहन के लिए हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं. भारतीय तटरक्षक बल ने भी फंसे हुए लोगों को बचाने के लिए दो यूनिट तैनात की हैं.
तलिये-मधलीवाड़ी में प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक पहाड़ी का अनुमानित 50-60 मीटर लंबा हिस्सा टूट गया और नीचे लगभग तीन दर्जन घर दुर्घटनाग्रस्त हो गए, जिससे अधिकांश पीड़ित विशाल पत्थर, पेड़ों, झाड़ियों और कीचड़ के नीचे फंस गए.
रायगढ़ के सांसद सुनील तटकरे, उनकी बेटी और राज्य मंत्री अदिति तटकरे अन्य बचाव दलों के साथ दुर्घटनास्थल पर पहुंचे. रुक-रुक कर हो रही बारिश और बाढ़ के साथ मलबा, कीचड़ और ढीली मिट्टी ऑपरेशन में बाधा डाल रही है.
सुनील तटकरे ने दुर्घटनास्थल से आईएएनएस को बताया, तलिये-मधलीवाड़ी से अब तक 50 शव निकाले जा चुके हैं और तलाश जारी है क्योंकि अभी भी कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है.
इन सभी घटनाओं में, अनुमानित 70-80 लोगों के अभी भी मलबे में फंसे होने की आशंका है, क्योंकि एनडीआरएफ, सेना, नौसेना और स्थानीय टीमें उन्हें बचाने की कोशिश कर रही हैं क्योंकि क्षेत्र में बारिश जारी है.
इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रत्येक मृतक व्यक्ति के परिजनों के लिए 5 लाख रुपये के मुआवजे और सभी घायलों के लिए मुफ्त इलाज की घोषणा की.
ठाकरे के अलावा, राज्य के मंत्री बालासाहेब थोराट, विजय वडेट्टीवार, आदित्य ठाकरे, संजय बंसोडे, मुख्य सचिव सीताराम कुंटे, डीजीपी संजय पांडे और अन्य शीर्ष नागरिक और पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं. सीएम ने कहा कि रायगढ़, रत्नागिरी, पालघर, ठाणे, सिंधुदुर्ग, सतारा, कोल्हापुर और सांगली में बाढ़ की स्थिति विभिन्न डिग्री की है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने उद्धव ठाकरे और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार से बात की है और बाढ़ पीड़ितों के लिए पूरी मदद की पेशकश की है. शाह ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की और सशस्त्र बलों के माध्यम से बचाव प्रयासों में समन्वय स्थापित किया.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 24, 2021 12:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

