Maharashtra Electricity Strike: महाराष्ट्र में छा सकता है अंधेरा! महावितरण के कर्मचारी आज से तीन दिवसीय हड़ताल पर

महाराष्ट्र में आज से बिजली उपभोक्ताओं को संकट का सामना करना पड़ सकता है. निजीकरण के विरोध में महावितरण के साथ जुड़ी यूनियनों के करीब डेढ़ लाख कर्मचारी हड़ताल पर जाने वाले हैं. यह हड़ताल 9 अक्टूबर से शुरू होकर 11 अक्टूबर तक चलेगी.

Maharashtra Electricity Strike:  महाराष्ट्र में आज से बिजली उपभोक्ताओं को संकट का सामना करना पड़ सकता है. निजीकरण के विरोध में महावितरण के साथ जुड़ी यूनियनों के करीब डेढ़ लाख कर्मचारी हड़ताल पर जाने वाले हैं. यह हड़ताल 9 अक्टूबर से शुरू होकर 11 अक्टूबर तक चलेगी. यह भी पढ़े: UP Electricity Strike: यूपी के हड़ताली बिजलीकर्मियों का कटेगा एक माह का वेतन, और पेंशन रोकने का आदेश जारी

हड़ताल की वजह

कर्मचारी संगठन बिजली वितरण कंपनी के निजीकरण और पुनर्गठन के विरोध में यह आंदोलन कर रहे हैं. हालांकि, 6 अक्टूबर को राज्य की अतिरिक्त मुख्य सचिव अभा शुक्ला और प्रबंध निदेशक लोकेश चंद्रा के साथ हुई बैठक में प्रशासन ने स्पष्ट किया कि निजीकरण को लेकर फिलहाल कोई सक्रिय प्रस्ताव मौजूद नहीं है. यानी निजीकरण नहीं किया जा रहा है. इसके बावजूद यूनियनों का आरोप है कि राज्य की 329 सबस्टेशन को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है.

हालांकि, प्रबंधन ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि सभी सबस्टेशनों का नियंत्रण अभी भी महावितरण के पास ही है.

महावितरण की आपात तैयारियां:

हड़ताल के दौरान न्यूनतम व्यवधान सुनिश्चित करने के लिए महावितरण ने कई कदम उठाए हैं:

उपभोक्ताओं पर असर:

महावितरण  का उपभोक्ताओं से अपील:

महावितरण ने नागरिकों से अपील की है कि अफवाहों पर विश्वास न करें, धैर्य रखें और सहयोग करें. बिजली संबंधी शिकायतों के लिए 24 घंटे उपलब्ध टोल-फ्री नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है

☎️ 1912
☎️ 1800-212-3435
☎️ 1800-233-3435

अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि सभी शिकायतों का शीघ्र समाधान किया जाएगा.

कौन-कौन सी यूनियनें हैं हड़ताल में शामिल?

इस हड़ताल में जिन सात यूनियनों ने भाग लिया है, वे सभी बड़ी और प्रभावशाली मानी जाती हैं:

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