Maharashtra: चिदंबरम के बयान पर एकनाथ शिंदे का तंज, कहा- 'कांग्रेस की नाकामी का सबूत'
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मुंबई, 30 सितंबर : पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के 2008 आतंकी हमले को लेकर दिए हालिया बयान चर्चा का विषय बना हुआ है. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि यह उनकी नाकामी का सबूत है. दरअसल, 2008 की मनमोहन सिंह सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे पी. चिदंबरम ने अपने हालिया बयान में कहा कि 2008 में हुए 26/11 हमले के बाद उनके मन में बदला लेने का विचार आया था, लेकिन तब की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने सैन्य कार्रवाई नहीं करने का फैसला लिया. चिदंबरम के इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज है.

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एवं शिवसेना के प्रमुख एकनाथ शिंदे ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर निशाना साधा. शिंदे ने पी. चिदंबरम के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "यह उनकी नाकामी का सबूत है. उन्होंने अपनी असफलता स्वीकार कर ली है. हमारे लोग मारे गए, और पाकिस्तान के दबाव में न आकर हमला न करना कायरता है." उन्होंने कहा, "पाकिस्तान ने अपराध किया, लेकिन भारतीय सेना ने उसका मुंहतोड़ जवाब दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कार्रवाई को मंजूरी देकर देश को गौरव प्रदान किया." विपक्ष को घेरते हुए शिंदे ने कहा, "विपक्ष हमारी सेना पर सवाल उठाता है, लेकिन उन्हें यह पूछना चाहिए कि कितने नागरिक मारे गए. यह देशभक्ति नहीं, बल्कि पाकिस्तान प्रेम है." यह भी पढ़ें : Tej Pratap Yadav on Pawan Singh: पवन सिंह की बुद्धि और विवेक काम नहीं कर रहा है; तेज प्रताप यादव

महाराष्ट्र में हाल की बाढ़ ने कई क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई है. उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने कहा, "ऐसी कठिन परिस्थितियों में लोगों का सब कुछ बह गया है. सरकार उनके साथ खड़ी है." उन्होंने बताया कि कैबिनेट बैठक में बाढ़ पीड़ितों को राहत प्रदान करने के लिए कई अहम फैसले लिए गए. सरकार नियमों और प्रतिबंधों को दरकिनार कर किसानों, महिलाओं और प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता प्रदान करेगी. शिंदे ने कहा, "हम भोजन और राशन किट वितरित कर रहे हैं. शिवसेना पीड़ितों के साथ है, यह हमारा कर्तव्य है." शिंदे ने विपक्ष को घेरते हुए कहा, "कुछ लोग केवल आलोचना करते हैं, लेकिन सरकार जनता के हित में काम कर रही है. बाढ़ राहत कार्यों के साथ-साथ, सरकार ने किसानों के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा की. हमारी प्राथमिकता प्रभावित लोगों को तुरंत राहत पहुंचाना है."