VIDEO: महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में भारी बारिश से फसलें बर्बाद, किसान ने वीडियो के ज़रिए सरकार से लगाई मदद की गुहार
महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले में हालिया भारी बारिश ने किसानों की फसलों को बर्बाद कर दिया है. खेतों में पानी भर जाने से सोयाबीन, कपास और अन्य खरीफ फसलें पूरी तरह डूब गई हैं. एक किसान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह पानी से भरे खेत में खड़े होकर सिर पीटते हुए सरकार से मदद की गुहार लगाता दिख रहा है.
महाराष्ट्र (Maharashtra) के अहिल्यानगर जिले (Ahilyanagar District) में हालिया भारी बारिश ने किसानों की फसलों को बर्बाद कर दिया है. खेतों में पानी भर जाने से सोयाबीन, कपास और अन्य खरीफ फसलें पूरी तरह डूब गई हैं. एक किसान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह पानी से भरे खेत में खड़े होकर सिर पीटते हुए सरकार से मदद की गुहार लगाता दिख रहा है.
एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर वायरल इस वीडियो में किसान ने भावुक होकर बताया कि मई में हुई बेमौसम बारिश से हुए नुकसान का मुआवजा अभी तक नहीं मिला है, और अब दीवाली से ठीक पहले फिर से फसल बर्बाद हो गई. यह भी पढ़े: VIDEO: महाराष्ट्र में बारिश का कहर! हिंगोली में बादल फटने से आई बाढ़, महादेव मंदिर में घुसा पानी
किसान की गुहार
महाराष्ट्र के 29 जिलों में भारी नुकसान
सितंबर 2025 की मूसलाधार बारिश ने अहिल्यानगर समेत महाराष्ट्र के 29 जिलों को बुरी तरह प्रभावित किया है. 14.44 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को नुकसान हुआ है. सिल्लोड और अन्य तालुकों में कई सड़कें, पुल, और मवेशी भी बह गए। किसानों का कहना है कि उन्होंने लाखों रुपये का निवेश किया था, जो अब पूरी तरह डूब गया है। त्योहारों के सीजन से पहले आया यह संकट उनकी आजीविका पर गहरा असर डाल रहा है.
मुआवजा न मिलने से किसानों में आक्रोश
किसानों का आरोप है कि मई की बारिश से हुए नुकसान का मुआवजा अब तक नहीं मिला है. इस देरी से उनका गुस्सा बढ़ता जा रहा है. वे तत्काल ₹50,000 प्रति हेक्टेयर मुआवजे, बीमा दावों की त्वरित प्रक्रिया और अगली फसल के लिए सब्सिडी की मांग कर रहे हैं. किसान संगठनों का कहना है कि राहत कार्यों में देरी उनकी समस्याओं को और गंभीर बना रही है.
सरकार ने 337 करोड़ की राहत राशि की घोषणा की
राज्य सरकार ने बारिश प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण शुरू कर दिया है और अब तक ₹337 करोड़ की राहत राशि मंजूर की जा चुकी है. उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने भी प्रभावित इलाकों का दौरा किया और जल्द मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है. हालांकि ज़मीनी स्तर पर किसानों को अब तक कोई ठोस राहत नहीं मिली है.