मध्यप्रदेश: बीना में जिंदा इंसान को डॉक्टरों ने बताया मुर्दा, पोस्टमॉर्टम रूम में चलने लगी सांस और फिर जो हुआ...
डॉक्टरों को भगवान का दर्जा दिया जाता है. क्योंकि उनके हाथ में होता है कि किसी मरते हुए शख्स की जान बचा लें. लेकिन मध्यप्रदेश के सागर जिले मे चिकित्सकों की लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है. जहां कशीराम सोनी (72) नामक साल के एक बुजुर्ग को मृत घोषित कर पोस्टमार्टम के लिए मुर्दाघर भेज दिया गया.
डॉक्टरों को भगवान का दर्जा दिया जाता है. क्योंकि उनके हाथ में होता है कि किसी मरते हुए शख्स की जान बचा लें. लेकिन मध्यप्रदेश के सागर जिले मे चिकित्सकों की लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है. जहां कशीराम सोनी (72) नामक साल के एक बुजुर्ग को मृत घोषित कर पोस्टमार्टम के लिए मुर्दाघर भेज दिया गया. लेकिन जब पोस्टमार्टम कराने पहुंचे और कíमयों ने काशीराम को उठाने की कोशिश की तो उसकी सांसें चल रही थीं. जिसके बाद पूरे परिवार में हड़कंप मच गया और उन्होंने इस बड़ी लापरवाही का विरोध करना शुरू कर दिया.
बता दें कि गुरुवार रात 9 बजे अस्पताल के चिकित्सक ने काशीराम को मृत घोषित करते हुए एक कर्मचारी से पुलिस को मेमो भिजवाया था, जिसमें वृद्ध किशन पिता कशीराम सोनी (72) निवासी नौगांव छतरपुर की इलाज के दौरान मौत होने की बात लिखी थी. मेमो के आधार पर पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया. बीना थाना प्रभारी अनिल मौर्य मृत का पोस्टमार्टम कराने पहुंचे और कíमयों ने काशीराम को उठाने की कोशिश की तो उसकी सांसें चल रही थीं. वृद्ध से जब बात की तो वह फूटफूट कर रोने लगा। उसे तत्काल अस्पताल में दुबारा भर्ती कराया गया.
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जिंदा होने की पुष्टि के बाद काशीराम सोनी की फिर से इलाज शुरू किया गया. इलाज के दौरान शुक्रवार सुबह 10.20 बजे वृद्ध की मौत हो गई. वहीं इस घटना के बाद जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.आर. रोशन ने माना कि इस मामले में डॉक्टर की लापरवाही सामने आई है. इस घटना की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी. (इनपुट्स - आईएएनएस )
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 22, 2019 11:27 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

