देश

Lumpy Disease: मध्य प्रदेश में तेजी से फैल रहा लंपी वायरस, बीमार पशुओं में दिखते हैं ये लक्षण, जानें बचाव के उपाय

मध्य प्रदेश में जानवरों में फैलने वाली लम्पी बीमारी का प्रकोप बना हुआ है. वर्तमान में प्रदेश के 33 जिले इस रोग से प्रभावित हैं, जिनमें से सिर्फ 20 जिलों में अभी तक इस रोग की प्रयोगशाला से पुष्टि हुई है.

Lumpy Disease: मध्य प्रदेश में तेजी से फैल रहा लंपी वायरस, बीमार पशुओं में दिखते हैं ये लक्षण, जानें बचाव के उपाय
Lumpy Disease (Photo Credit: Wikimedia Commons)

भोपाल, 10 सितंबर: मध्य प्रदेश में जानवरों में फैलने वाली लम्पी बीमारी का प्रकोप बना हुआ है. वर्तमान में प्रदेश के 33 जिले इस रोग से प्रभावित हैं, जिनमें से सिर्फ 20 जिलों में अभी तक इस रोग की प्रयोगशाला से पुष्टि हुई है. संचालक पशुपालन एवं डेयरी ने बताया कि विगत तीन माह में प्रदेश के कुल 25 हजार 691 पशु इस रोग से प्रभावित हुए हैं, जिसमें से कुल 22 हजार 975 (90 फीसदी) पशु इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं. यह भी पढ़ें: Mad Cow Disease ‘BSE’ Detected: नीदरलैंड की बढ़ी चिंता, जांच में मैड काऊ में पाया गया दुर्लभ ‘BSE’ रोग

प्रदेश में फिलहाल 2333 सक्रिय केसेस हैं, जिनका नियमित एवं निरंतर उपचार जारी है. संचालक पशुपालन एवं डेयरी ने बताया कि विभाग द्वारा कुल 26 लाख 50 हजार पशुओं में टीकाकरण किया जा चुका है. साथ ही बीमार पशुओं का सतत उपचार किया जा रहा है, जिसके कारण विगत 25 दिनों से प्रभावित पशुओं की संख्या एवं पशुओं की मृत्यु दर में कमी आई है.

साथ ही विगत एक सप्ताह से कोई भी नये जिले से बीमारी की सूचना प्राप्त नहीं हुई है. लम्पी बीमारी की रोकथाम के लिये प्रभावित क्षेत्रों में टीकाकरण एवं उपचार कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है. इसके साथ ही विभाग द्वारा लम्पी स्किन बीमारी की रोकथाम के लिये मॉनीटरिंग प्रतिदिन की जा रही है. जिलों से प्राप्त जानकारी अनुसार बीमारी का प्रकोप विगत 25 दिन से कम होता नजर आ रहा है एवं स्थिति नियंत्रण में है.

लंपी वायरस के लछण

लंपी स्किन डिसीज होने पर पशुओं के शरीर पर गांठें बनने लगती हैं. उन्हें तेज बुखार आ जाता है, सिर और गर्दन के हिस्सों में काफी दर्द रहता है. इस दौरान पशुओं में दूध देने की क्षमता भी कम हो जाती है. यह वायरस मच्छरों और मक्खियों जैसे खून चूसने वाले कीड़ों से फैलता है. दूषित पानी, लार और चारे की वजह से पशुओं को यह रोग होता है. पशुओं में जब भी इस बीमारी के लक्षण दिखें तो सबसे पहले अपनी बीमार गाय-भैंसों को सबसे अलग कर दें.

लंपी वायरस का बटाव उपाय 

पशुओं को रखने वाले स्थान पर साफ-सफाई रखें. अगर ऐसा नहीं किया गया तो अन्य आपके अन्य पशु इस बीमारी से पीड़ित होकर जान गंवा सकते हैं. बीमार पशुओं का खास ध्यान रखें. बीमारी के लक्षण दिखे तो दूसरे पशु से उसे अलग कर दें. बिमार पशु को नीम के पत्ते के पानी से दिन में दो से तीन पर स्नान करायें. बुखार में तापमान अधिक होने की स्थिति में माथे को ठंडा पानी से धोयें.

 

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 10, 2023 12:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).