कोलकाता अग्निकांड: मरने वालों की संख्या 25 हुई, NHRC ने लिया संज्ञान; ‘Wow Momo’ और 'पुष्पांजलि' गोदामों पर गंभीर आरोप
कोलकाता के आनंदपुर में हुए भीषण अग्निकांड में मरने वालों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है, जबकि फॉरेंसिक रिपोर्ट ने आग की उत्पत्ति को लेकर नए खुलासे किए हैं.
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कोलकाता: पश्चिम बंगाल (West Bengal) की राजधानी कोलकाता (Kolkata) के दक्षिणी बाहरी इलाके आनंदपुर (Anandpur) में स्थित गोदामों में लगी भीषण आग ने अब एक बड़ा राजनीतिक और कानूनी मोड़ ले लिया है. शुक्रवार सुबह तक इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है. इस बीच, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 'सुओ मोटो' (स्वतः) संज्ञान लिया है और दक्षिण 24 परगना (South 24 Parganas) के जिला मजिस्ट्रेट को जल्द से जल्द 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' सौंपने का निर्देश दिया है. यह भी पढ़ें: कोलकाता अग्निकांड: आनंदपुर गोदाम में भीषण आग से 21 मजदूरों की मौत, 23 अब भी लापता; Wow! Momo ने किया मुआवजे का ऐलान
NHRC की सख्त कार्रवाई और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप
NHRC ने आनंदपुर स्थित 'वाओ मोमो' (Wow Momo) फैक्ट्री में मानवाधिकारों के घोर उल्लंघन की शिकायतों के बाद यह कदम उठाया है. आयोग ने जिला प्रशासन को भेजे पत्र में कहा है कि यह हादसा प्रबंधन की आपराधिक लापरवाही और सरकारी विभागों की विफलता का परिणाम है.
नियामक विफलता: शिकायत में राज्य अग्निशमन सेवा, श्रम विभाग, नगर नियोजन अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन पर नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया गया है.
- कानूनी उल्लंघन: आयोग ने फैक्ट्री अधिनियम (Factories Act) और आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन की बात भी कही है.
फॉरेंसिक रिपोर्ट: कहां से शुरू हुई आग?
गुरुवार को राज्य अग्निशमन विभाग और फॉरेंसिक टीम ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी, जिसने आग लगने के कारणों पर चल रहे दावों को पलट दिया है.
- वाओ मोमो बनाम पुष्पांजलि डेकोरेटर्स: पुष्पांजलि डेकोरेटर्स के मालिक गंगाधर दास ने दावा किया था कि आग मोमो फैक्ट्री से शुरू हुई थी.
- फॉरेंसिक निष्कर्ष: रिपोर्ट के अनुसार, आग मोमो फैक्ट्री से नहीं बल्कि उसके बगल में स्थित पुष्पांजलि डेकोरेटर्स के गोदाम से शुरू हुई थी. इसके बाद ज्वलनशील सामग्री के कारण यह तेजी से फैली.
राजनीतिक सरगर्मी और विरोध प्रदर्शन
इस त्रासदी के बाद लापता लोगों की तलाश अभी भी जारी है, जिससे मृतक संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. इस बीच, राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता ने आनंदपुर क्षेत्र में विरोध रैली निकालने की घोषणा की है.
- कलकत्ता हाई कोर्ट की अनुमति: पुलिस द्वारा पहले अनुमति न दिए जाने के बाद, आयोजकों ने हाई कोर्ट का रुख किया। अदालत ने कुछ शर्तों के साथ रैली की अनुमति दे दी है.
पृष्ठभूमि और वर्तमान स्थिति
यह आग सोमवार तड़के करीब 3 बजे लगी थी, जिसे बुझाने में दमकल की 12 गाड़ियों को लगभग 36 घंटे का समय लगा. जांच में यह भी सामने आया है कि इन गोदामों के पास वैध फायर क्लीयरेंस सर्टिफिकेट नहीं था. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मृतकों के परिजनों के लिए 10 लाख रुपये मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को होमगार्ड या नागरिक स्वयंसेवक के रूप में नौकरी देने की घोषणा की है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 30, 2026 01:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

