Kerala Bar Timings: केरल में शराब बिक्री का समय 2 घंटे बढ़ाया गया, विपक्षी दलों और चर्च के लोगों ने सरकार के फैसले पर जताया विरोध

केरल सरकार द्वारा राज्य में बार के संचालन समय में दो घंटे की वृद्धि करने के फैसले पर विवाद खड़ा हो गया है. विपक्षी दलों और चर्च निकायों ने इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए इसे वापस लेने की मांग की है.

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 Kerala Bar Timings: केरल की वामपंथी सरकार द्वारा बार के संचालन समय को बढ़ाने के फैसले ने राज्य में एक बड़ा राजनीतिक और संस्थागत विवाद खड़ा कर दिया है. आबकारी विभाग (Excise Department) द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार, अब बार सुबह 11 बजे के बजाय सुबह 10 बजे खुलेंगे और रात 11 बजे के बजाय आधी रात 12 बजे तक संचालित हो सकेंगे. इस फैसले से बार के दैनिक बिक्री समय में दो घंटे की बढ़ोतरी हो गई है.

विपक्षी दलों और प्रभावशाली चर्च निकायों ने इस कदम की तीखी आलोचना की है. उनका आरोप है कि यह निर्णय कैबिनेट में विस्तृत चर्चा या सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (LDF) के भीतर परामर्श के बिना जल्दबाजी में लिया गया है. यह भी पढ़े: Kerala Shocker: बांग्लादेशी होने के शक में एक मजदुर की मॉब लिंचिंग, काम की तलाश में पल्लकड़ जिला गए शख्स की हत्या, केरल का दिल दहलानेवाला VIDEO आया सामने

पर्यटन को बढ़ावा या राजस्व का लालच?

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह आदेश बार मालिकों के लंबे समय से लंबित अनुरोधों के बाद जारी किया गया है. पिछले पांच वर्षों में, बार एसोसिएशनों ने कम से कम 11 बार समय विस्तार की मांग की थी, जिसे हर बार खारिज कर दिया गया था.

चुनावों से ठीक पहले इस अचानक मिली मंजूरी ने विपक्ष को सरकार की मंशा पर सवाल उठाने का मौका दे दिया है. विपक्षी नेताओं का तर्क है कि नीतिगत सुधार के बजाय राजस्व जुटाना ही इस फैसले के पीछे का असली मकसद है. बता दें कि 31 जनवरी 2025 तक केरल में 847 बार लाइसेंस और केरल राज्य पेय निगम (BEVCO) के 289 आउटलेट संचालित हैं.

चर्च निकायों ने जताया कड़ा विरोध

केरल कैथोलिक बिशप काउंसिल (KCBC) ने इस फैसले का पुरजोर विरोध किया है. इसके मद्यनिषेध आयोग ने इस बदलाव को "बिजली की गति" से लिया गया निर्णय बताया और इसे तुरंत वापस लेने की मांग की. काउंसिल ने चेतावनी दी कि पर्यटन के नाम पर शराब की खपत को बढ़ावा देना राज्य के सामाजिक ढांचे के लिए हानिकारक है.

मलंकारा ऑर्थोडॉक्स सीरियन चर्च ने भी इस फैसले की निंदा की है. चर्च का आरोप है कि पर्यटन को केवल एक बहाने के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि सरकार का वास्तविक लक्ष्य शराब की बिक्री बढ़ाना है.

नई आबकारी नीति 2025-26 के मुख्य बिंदु

सरकार की प्रस्तावित शराब नीति में कई अन्य बदलावों के भी संकेत मिले हैं:

सरकार का पक्ष

इन विवादों के बीच, सरकार ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि संशोधित नीति का उद्देश्य आर्थिक पुनरुद्धार, पर्यटन को बढ़ावा देना और नियामक निगरानी के बीच संतुलन बनाना है. सरकार के अनुसार, पर्यटन उद्योग को वैश्विक मानकों के अनुरूप लाने और राजस्व स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम आवश्यक है.

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