Kashmir Weather: घाटी में रात का तापमान जीरो से नीचे गिरा, क्रिसमस और न्यू ईयर 2026 सेलिब्रेशन के लिए कश्मीर पहुंचे पर्यटक

गुरुवार को कश्मीर घाटी में रात का तापमान फ्रीजिंग पॉइंट से नीचे चला गया, जबकि मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर में साल के आखिर तक आमतौर पर सूखा मौसम रहने का अनुमान लगाया है. इस मौसम में सैलानी क्रिसमस और न्यू ईयर 2026 का जश्न मनाने के लिए कश्मीर पहुंचे हैं.

घाटी में रात का तापमान जीरो से नीचे (Photo Credits: IANS)

श्रीनगर, 25 दिसंबर: इन दिनों देश के अधिकांश हिस्सों में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की मार देखने को मिल रही है. वहीं गुरुवार को कश्मीर घाटी (Kashmir Valley) में रात का तापमान फ्रीजिंग पॉइंट (Freezing point)  से नीचे चला गया, जबकि मौसम विभाग (Meteorological (MeT) Department) ने जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir)  में साल के आखिर तक आमतौर पर सूखा मौसम रहने का अनुमान लगाया है. श्रीनगर शहर (Srinagar) में न्यूनतम तापमान माइनस 2.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि गुलमर्ग स्की रिसॉर्ट और पहलगाम हिल स्टेशन में न्यूनतम तापमान क्रमशः माइनस 5.8 और माइनस 4.4 डिग्री सेल्सियस रहा. जम्मू शहर में 8.1 डिग्री सेल्सियस, कटरा शहर में 8.4, बटोटे में 4.7, बनिहाल में 4.8 और भद्रवाह में 0.3 डिग्री सेल्सियस रात का सबसे कम तापमान रहा.

कई दिनों बाद पहली बार श्रीनगर शहर और दूसरी जगहों पर लोगों को पानी के नलों के पास छोटी-छोटी आग जलाकर उन्हें पिघलाते हुए देखा गया. सुबह साफ आसमान में तेज धूप निकली, जिससे घाटी में कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिली. जम्मू शहर में भी लोग रात में ठंड की शिकायत कर रहे हैं, हालांकि घाटी की ठंडी रातों और जम्मू शहर की रातों की ठंड में बहुत ज्यादा फर्क है. ऊपरी इलाकों में बर्फबारी के बाद काफी संख्या में टूरिस्ट कश्मीर आ चुके हैं. ये लोग क्रिसमस मनाने आए हैं और नए साल की शाम मनाने के लिए गुलमर्ग और दूसरे हिल स्टेशनों पर जाएंगे. यह भी पढ़ें: Weather Forecast Today, December 25: दिल्ली समेत उत्तर भारत में सर्दी का सितम, कुछ जगहों पर हल्की बारिश की संभावना, जानें देश के अन्य हिस्सों में मौसम का हाल

कश्मीर में तापमान में आई भारी गिरावट 

श्रीनगर, गुलमर्ग और दूसरी जगहों के होटल धीरे-धीरे फिर से गुलजार हो रहे हैं, क्योंकि टूरिज्म इंडस्ट्री से जुड़े लोग उम्मीद कर रहे हैं और प्रार्थना कर रहे हैं कि आने वाले साल में रिकॉर्ड संख्या में टूरिस्ट आएं. 40 दिन की कड़ाके की ठंड का समय, जिसे स्थानीय भाषा में 'चिल्लई कलां' कहा जाता है, 21 दिसंबर को शुरू हुआ और 30 जनवरी को खत्म होगा. इस दौरान दिन और रात के तापमान का अंतर कम हो जाता है, जिससे अलग-अलग पानी के स्रोत आंशिक रूप से या पूरी तरह से जम जाते हैं. न्यूनतम तापमान अक्सर माइनस 6 से 7 डिग्री तक गिर जाता है, जबकि चिल्लई कलां के दौरान अधिकतम तापमान मुश्किल से दो अंकों तक पहुंच पाता है. लेकिन लोगों के लिए, ठंड से बचने का सबसे अच्छा तरीका 'कांगड़ी' है. कांगड़ी मिट्टी का एक बर्तन होता है जिसमें कोयले के अंगारे भरे होते हैं, जिसे हाथ से बनी बेंत की टोकरी में रखा जाता है और इसमें ले जाने के लिए दो हैंडल होते हैं.

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