Karnataka Bus Strike: कर्नाटक में परिवहन कर्मचारियों की हड़ताल से जनजीवन प्रभावित, सुबह-सुबह यात्री दिखे परेशान; VIDEOS

कर्नाटक राज्य की चारों सड़क परिवहन निगमों KSRTC, BMTC, NWKRTC और KKRTC के कर्मचारियों ने आज से राज्यव्यापी हड़ताल शुरू कर दी है. अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शुरू की गई इस हड़ताल के चलते आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है

(Photo Credits ANI)

Karnataka Bus Strike:  कर्नाटक राज्य की चारों सड़क परिवहन निगमों  KSRTC, BMTC, NWKRTC और KKRTC  के कर्मचारियों ने आज से राज्यव्यापी हड़ताल शुरू कर दी है. अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शुरू की गई इस हड़ताल के चलते आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. हुब्बली के होसुर बस स्टैंड से सामने आई तस्वीरों में देखा जा सकता है कि यात्रियों को बसों के अभाव में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है.

यात्री दिखे परेशान

बेंगलुरु के एक यात्री ने बताया, "हम पिछले एक घंटे से यहां इंतजार कर रहे हैं... अभी तक यह भी नहीं पता कि बस आएगी या नहीं. यह पूरी स्थिति बहुत ही असुविधाजनक है क्योंकि इसे ठीक से प्लान नहीं किया गया है। हमने पहले से टिकट बुक कर रखे थे, लेकिन यात्रियों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। यहां तक कि मौजूद अधिकारी भी कुछ नहीं बता पा रहे हैं. यह भी पढ़े: Delhi DTC Bus Strike: दिल्ली की सड़कों पर कब दौड़ेंगी डीटीसी बसें? हड़ताल के बीच आई राहत भरी खबर (Watch Video)कर्नाटक में बस हड़ताल

हड़ताल के फैसले से यात्री नाराज

एक अन्य यात्री ने नाराजगी जताते हुए कहा, "हमारे पास टिकट पहले से है... लेकिन यहां कोई अधिकारी ठीक से जवाब नहीं दे रहा है। न ही यह बताया जा रहा है कि बस रद्द हुई है या नहीं। मुझे जरूरी काम से जाना है और अब आखिरी समय में न फ्लाइट मिल रही है, न ट्रेन। प्राइवेट बसें भी फुल हैं. मैं पूरी तरह फंसा हुआ हूं... यहां सब कुछ अस्त-व्यस्त है.

हड़ताल का असर

परिवहन कर्मचारियों की हड़ताल से राज्यभर में हजारों यात्री अपने गंतव्यों के लिए परेशान हो रहे हैं। वहीं, कई स्कूल-कॉलेज, कार्यालयों और ज़रूरी सेवाओं पर भी इसका असर देखा जा रहा है। परिवहन विभाग या राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस वैकल्पिक व्यवस्था की घोषणा नहीं की गई है, जिससे लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं.

परिवहन कर्मचारियों की मांगे

दरअसल परिवहन कर्मचारी संघ इस बात पर अड़े हैं कि उन्हें 38 महीने का बकाया भुगतान किया जाए और एक जनवरी, 2024 से वेतन वृद्धि लागू की जाए. सोमवार को मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी और कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों के बीच अंतिम दौर की बैठक हुई, लेकिन कोई निर्णायक नतीजा नहीं निकला.

हालांकि परिवहन कर्मचारी हड़ताल पर ना जाएं कर्नाटक सरकार सोमवार को वार्ता हुई. लेकिन वार्ता विफल होने के बाद राज्य सरकार के स्वामित्व वाले परिवहन निगमों के कर्मचारी संघों ने आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया है.

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