Who is Kapil Raj: कौन हैं कपिल राज? जिन्होंने केजरीवाल-हेमंत सोरेन को भेजा जेल और अब रिलायंस के लिए करेंगे काम
ED के पूर्व जॉइंट डायरेक्टर कपिल राज रिलायंस इंडस्ट्रीज में शामिल हो गए हैं. (Photo : X)

Kapil Raj joins Reliance: कपिल राज, भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के 2009 बैच के एक अधिकारी, हाल ही में सुर्खियों में हैं. वजह है उनका प्रवर्तन निदेशालय (ED) जैसी प्रतिष्ठित सरकारी एजेंसी छोड़कर रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) में शामिल होना. 45 साल की उम्र में, उन्होंने 16 साल की सरकारी सेवा के बाद स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (Voluntary Retirement) ले ली, जिसे वित्त मंत्रालय ने स्वीकार कर लिया.

कपिल राज (Kapil Raj) को सबसे ज़्यादा उनकी ED में जॉइंट डायरेक्टर (ED Director) की भूमिका के लिए जाना जाता है. उन्होंने अपने आठ साल के कार्यकाल में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े कई बड़े और राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामलों की जांच की.

वह उस टीम का नेतृत्व कर रहे थे जिसने दिल्ली शराब नीति मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) और जमीन घोटाले के मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) की जांच की और उन्हें गिरफ्तार किया. इन हाई-प्रोफाइल कार्रवाइयों ने उन्हें पूरे देश में पहचान दिलाई.

मुंबई में भी संभाले थे बड़े केस

दिल्ली में अपनी पोस्टिंग से पहले, कपिल राज ED के मुंबई दफ्तर में डिप्टी डायरेक्टर थे. वहां भी उन्होंने कई बड़े वित्तीय घोटालों की जांच में अहम भूमिका निभाई. इनमें भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी से जुड़े मामले शामिल थे. इसके अलावा, उन्होंने DHFL और अंडरवर्ल्ड से जुड़े इकबाल मिर्ची के जटिल मामलों की भी जांच की.

उन्हें अपने काम करने के तरीके के लिए भी जाना जाता है. वह सिर्फ ऑफिस में बैठकर फाइलें नहीं देखते थे, बल्कि छापेमारी के दौरान अक्सर खुद मौके पर मौजूद रहते थे ताकि अपनी टीम का मार्गदर्शन और हौसला बढ़ा सकें.

कपिल राज की पृष्ठभूमि

कपिल राज मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के रहने वाले हैं. फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने लखनऊ से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की है. जांच के दौरान उनके सधे हुए, बारीकी से काम करने वाले और नतीजे देने वाले अंदाज के लिए उन्हें जाना जाता है.

जब बड़े अधिकारी प्राइवेट सेक्टर में जाते हैं

कपिल राज का रिलायंस से जुड़ना कोई पहला मामला नहीं है. उनसे पहले भी कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारी रिटायरमेंट के बाद प्राइवेट कंपनियों में बड़े पदों पर शामिल हुए हैं. रिलायंस में भी पूर्व CBDT चेयरमैन के.वी. चौधरी और टैक्स सलाहकार दिनेश कनबार जैसे पूर्व अधिकारी कंपनी के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक के रूप में काम कर रहे हैं.

हालांकि रिलायंस ने कपिल राज की नियुक्ति पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन माना जा रहा है कि वित्तीय जांच, कानून और नियमों की उनकी गहरी समझ भारत के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में से एक, रिलायंस के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगी.