VIDEO: जयपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ठगी मामले में 'टटलूबाज' गैंग के 5 सदस्य गिरफ्तार; जानें कैसे फंसाते थे लोगों को
राजस्थान की राजधानी जयपुर में इस समय ‘टटलूबाज’ गैंग पूरी तरह से सक्रिय हैं. उनके सदस्यों ने अलग-अलग लोगों के साथ मिलकर 50 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया. पुलिस ने लोगों की शिकायत और जांच के आधार पर इस गैंग के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है
Jaipur 'Tatlubaaz' Gang: राजस्थान की राजधानी जयपुर में इस समय ‘टटलूबाज’ गैंग पूरी तरह से सक्रिय हैं. उनके सदस्यों ने अलग-अलग लोगों के साथ मिलकर 50 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया. पुलिस ने लोगों की शिकायत और जांच के आधार पर इस गैंग के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. यह गैंग मुख्य रूप से सोशल मीडिया के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाता था.
लोगों की शिकायत हुई कार्रवाई
DCP दक्षिण जयपुर राजर्षि राज ने बताया, "कुछ दिन पहले हमें सूचना मिली थी कि जयपुर में एक सक्रिय ‘टटलूबाज’ गैंग है. यह गैंग लोगों को नकली नोट दिखाकर उनके साथ लूटपाट करती थी. सूचना के आधार पर हमने पत्रकार कॉलोनी में उन्हें पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वे भाग गए. यह भी पढ़े: लवे ट्रैक’ पर चोरी करता था बॉयफ्रेंड, माल बेचने से वकील तक का इंतजाम करती थी जिम ट्रेनर गर्लफ्रेंड, बेंगलुरु में अनोखा चोर गैंग गिरफ्तार
टटलूबाज गैंग के 5 लोग गिरफ्तार
#WATCH जयपुर, राजस्थान: 50 लाख की धोखाधड़ी के मामले में ‘टटलूबाज’ गैंग के 5 आरोपी गिरफ्तार किए गए।
DCP दक्षिण जयपुर राजर्षि राज ने कहा, "कुछ दिन पहले हमारे पास सूचना आई थी कि जयपुर में एक टटलूबाज गैंग सक्रिय है। यह गैंग लोगों को नकली नोट दिखाकर उनके साथ लूटपाट करती है... सूचना… pic.twitter.com/QTC75BHCQm
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 29, 2025
सोशल मीडिया के जरिए लोगों के साथ ठगी करते थे
उन्होंने आगे बताया, "ये लोग सोशल मीडिया के जरिए लोगों को लालच देते थे और पीड़ितों को सुनसान जगह पर बुलाकर उनसे लूटपाट करते थे. इस कार्रवाई में पुलिस ने 2 थार गाड़ी, 1 स्विफ्ट गाड़ी, 5 मोबाइल और 40 सिम कार्ड जब्त किए हैं. गिरफ्तार आरोपी अब पुलिस रिमांड में हैं और मामले की आगे की जांच जारी है.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 30, 2025 10:21 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

