'रेलवे ट्रैक' पर चोरी करता था बॉयफ्रेंड, माल बेचने से वकील तक का इंतजाम करती थी जिम ट्रेनर गर्लफ्रेंड, बेंगलुरु में अनोखा चोर गैंग गिरफ्तार
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Bengaluru's 'Railway Track Thieves':  बेंगलुरु पुलिस ने एक ऐसे चोर गैंग का पर्दाफाश किया है जो चोरी करने के लिए एक बहुत ही अनोखा तरीका अपनाता था. इस गैंग में चार लोग शामिल थे, जिसमें एक 24 साल की महिला जिम ट्रेनर भी है. पुलिस ने इस गैंग को डोड्डाबल्लापुर में एक घर में 8 लाख रुपये की चोरी करने के कुछ ही घंटों के अंदर पकड़ लिया.

गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान 22 साल के पुरुषोत्तम एम, उसकी 24 साल की गर्लफ्रेंड सौभाग्य बीएच उर्फ लता, 20 साल के दर्शन उर्फ सत्या और 24 साल के चंद्रू के रूप में हुई है. ये सभी हाल ही में तुमकुरु में चोरी के एक मामले में जेल से छूटे थे और सिर्फ 12 दिन पहले ही होसुर रोड के पास कुडलू में एक फ्लैट किराए पर लिया था.

चोरी का अनोखा तरीका

पुलिस ने जब इस गैंग से पूछताछ की तो उनके चोरी करने का तरीका जानकर सब हैरान रह गए. गैंग के तीनों पुरुष सदस्य रात में रेलवे ट्रैक के किनारे बने घरों को अपना निशाना बनाते थे.

  • ट्रेन से सफर: ये लोग किसी भी ट्रेन में बैठ जाते थे और एक अनजान स्टेशन पर उतर जाते थे.
  • मोबाइल बंद, चप्पलें पीछे: स्टेशन पर उतरते ही वे अपने मोबाइल फोन बंद कर देते थे और लगभग एक किलोमीटर तक पटरी के किनारे चलते थे. फिर अपनी चप्पलें वहीं उतार देते थे ताकि कोई निशान न रहे.
  • 10 मिनट में चोरी: इसके बाद वे आस-पास के इलाकों में बंद घरों की तलाश करते थे. तीनों सदस्य एक-एक घर को निशाना बनाते, ताला तोड़ते और सिर्फ 10 मिनट के अंदर जो भी कीमती सामान हाथ लगता, उसे लेकर फरार हो जाते थे.
  • वापसी का रास्ता: चोरी करने के बाद वे वापस उसी जगह पर आते जहाँ उन्होंने अपनी चप्पलें छोड़ी थीं. फिर पैदल चलकर स्टेशन पहुँचते और दूसरी ट्रेन पकड़कर निकल जाते थे. पुलिस ने बताया कि वे ट्रेनों पर नज़र रखने के लिए एक ऐप का भी इस्तेमाल करते थे.

महिला जिम ट्रेनर का क्या रोल था?

इस गैंग में शामिल महिला जिम ट्रेनर सौभाग्य की भूमिका बहुत अहम थी. वह सीधे तौर पर चोरी में शामिल नहीं होती थी, लेकिन पर्दे के पीछे से सारा काम वही संभालती थी. वह चोरों के लिए शहर में छिपने के लिए घर किराए पर लेती थी, चोरी किए गए सोने-चांदी के गहनों को बेचने में मदद करती थी और अगर गैंग का कोई सदस्य पकड़ा जाता, तो उनके लिए जमानत का इंतजाम करने के लिए वकील भी ढूंढती थी.

कैसे पकड़े गए?

यह गैंग 17 सितंबर को पुलिस के हत्थे चढ़ा. एक रात पहले उन्होंने डोड्डाबल्लापुर के टीबी नारायणप्पा बदावणे इलाके में रहने वाले एक नवविवाहित जोड़े, दिव्याश्री जी और उनके पति के घर पर चोरी की थी. उस समय जोड़ा अपने मायके गया हुआ था. चोरों ने घर से 8 लाख रुपये के सोने के गहने, चांदी की पायल और एयरपॉड्स चुरा लिए थे.

इंस्पेक्टर सादिक पाशा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तेजी से जांच की और 17 सितंबर की आधी रात को चोरों को उनके कुडलू वाले फ्लैट से दबोच लिया. चोरी किया गया सारा सामान भी बरामद कर लिया गया.

चोरों का आपराधिक रिकॉर्ड

पुलिस के अनुसार, पुरुषोत्तम एक पुराना अपराधी है और नाबालिग रहते हुए एक हत्या में भी शामिल था. दर्शन, जो बीबीए की पढ़ाई छोड़ चुका है, उस पर पहले से ही 10 मामले दर्ज हैं. चंद्रू स्कूल ड्रॉपआउट है और एक गैरेज में काम करता है. इस गैंग ने हुबली, धारवाड़, तुमकुरु, बेंगलुरु और यहां तक कि तेलंगाना में भी कई चोरियों को अंजाम दिया है. कुछ समय पहले तुमकुरु में चोरी के बाद मिले 12 लाख रुपये से वे केरल घूमने गए थे और सिर्फ आठ दिनों में सारा पैसा खर्च कर दिया था.

चोरी के बाद जब सौभाग्य को पुलिस ने हिरासत में लिया तो उसने पुलिस पर ही यौन उत्पीड़न और उसके गहने छीनने का झूठा आरोप लगा दिया. लेकिन जांच में उसके सभी दावे झूठे साबित हुए.