Jagannath Express: रेलवे अगली रथ यात्रा से पहले जगन्नाथ एक्सप्रेस शुरू करेगा
भारतीय रेलवे अगली रथ यात्रा से पहले भारत गौरव ट्रेन परियोजना के तहत जगन्नाथ एक्सप्रेस की शुरुआत करेगा. रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को यहां यह जानकारी दी.
भुवनेश्वर, 27 नवंबर : भारतीय रेलवे अगली रथ यात्रा से पहले भारत गौरव ट्रेन परियोजना के तहत जगन्नाथ एक्सप्रेस (Jagannath Express) की शुरुआत करेगा. रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को यहां यह जानकारी दी. वैष्णव ने मीडियाकर्मियों को जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के पास रेलवे के माध्यम से भारत और दुनिया के लोगों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और शानदार ऐतिहासिक स्थानों को दिखाने का विजन है. तदनुसार, रामायण एक्सप्रेस को पहली बार भारत गौरव ट्रेनों (थीम-आधारित पर्यटक सर्किट ट्रेनों) के तहत लॉन्च किया गया था.
अब जगन्नाथ संस्कृति, खान-पान और भाषा को बढ़ावा देने के लिए परियोजना के तहत जगन्नाथ एक्सप्रेस शुरू की जाएगी. ट्रेन के डिजाइन और जगन्नाथ सर्किट को अंतिम रूप दे दिया गया है. मंत्री ने कहा कि यह सेवा अगली रथ यात्रा से ठीक पहले शुरू की जाएगी. वैष्णव ने यह भी कहा कि उनका मंत्रालय जल्द ही ओडिशा में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन सेवा भी शुरू करने जा रहा है. ओडिशा में मेट्रो ट्रेन सेवा शुरू करने पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, राज्य सरकार से पूरा प्रस्ताव मिलने के बाद ऐसा किया जा सकता है. अभी तक ओडिशा से कोई प्रस्ताव नहीं मिला है. यह भी पढ़ें : UP: सपा के ट्विटर अकाउंट से गोरखनाथ मठ को लेकर पोस्ट की गई विवादित टिप्पणी, पत्रकार गिरफ्तार
उन्होंने आगे बताया कि मोदी सरकार ने ओडिशा में लगभग 7,600 असंबद्ध गांवों को डिजिटल रूप से जोड़ने के लिए 5,600 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. इसके अलावा ओडिशा में पहले चरण में ही 5जी सेवा शुरू की जाएगी. उन्होंने कहा कि इन सभी पहलों से राज्य में डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी.
स्थानीय समाचार चैनल द्वारा आयोजित ओडिशा निर्माण कार्यक्रम में बोलते हुए रेल मंत्री ने कहा है कि ओडिशा रेलवे क्षेत्र में पूर्ण परिवर्तन देखने जा रहा है. 28 स्टेशनों के कायाकल्प के लिए टेंडर दिए जा चुके हैं. वैष्णव ने कहा कि राज्य के लिए 55,941 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनमें से लगभग 4,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को पिछले सात से आठ महीनों के दौरान मंजूरी दी गई है.
उन्होंने कहा- इसी तरह, यूपीए के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान 2014 से पहले, ओडिशा को रेलवे क्षेत्र में प्रति वर्ष 838 करोड़ रुपये मिलते थे. जब नरेंद्र मोदी सरकार सत्ता में आई तो उसने आवंटन दोगुना और फिर चार गुना बढ़ा दिया. उन्होंने कहा कि अब चालू वित्त वर्ष में ओडिशा को रेलवे के विकास के लिए 9,734 करोड़ रुपये मिले हैं.
मंत्री ने आगे कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान, ओडिशा में प्रत्येक वर्ष केवल 25-26 किलोमीटर की कुल लंबाई की रेलवे लाइनों का निर्माण किया गया था. पिछले वित्तीय वर्ष में 180 किलोमीटर के रेलवे ट्रैक बिछाए गए और इस साल अब तक राज्य में 238 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 27, 2022 08:57 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

