अप्रवासियों के दिल में धड़कता है भारत, दुनिया में मेरा सिर ऊंचा आपसे: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार भुवनेश्वर में 18वें प्रवासी भारतीय सम्मेलन का उद्घाटन किया. आयोजन स्थल पर मौजूद लोगों को संबोधित किया.
भुवनेश्वर, 9 जनवरी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार भुवनेश्वर में 18वें प्रवासी भारतीय सम्मेलन का उद्घाटन किया. आयोजन स्थल पर मौजूद लोगों को संबोधित किया. पीएम मोदी ने कहा- मैंने हमेशा भारतीय डाइस्पोरा को भारत का राष्ट्रदूत माना है. मुझे खुशी होती है जब दुनिया में आप सभी साथियों से बात करता हूं. जो प्यार मिलता है उसे भूल नहीं सकता.
प्रधानमंत्री ने कहा, आपका स्नेह आशीर्वाद मेरे साथ रहता है. मैं सभी का निजी तौर पर आभार करता हूं. आपको थैंक यू भी बोलना चाहता हूं. वो इसलिए क्योंकि आपकी वजह से मुझे दुनिया में गर्व से सिर ऊंचा रखने का मौका मिलता है. बीते दस साल में मेरी दुनिया के अनेक लीडर से मुलाकात हुई है. अपने देश के भारतीय डाइस्पोरा की बहुत प्रशंसा करता हूं. इसका एक बड़ा कारण वो सोशल वैल्यूज हैं जो आप सभी वहां की सोसाइटी में दिखाते हैं. हम सिर्फ मदर ऑफ डेमोक्रेसी ही नहीं हैं बल्कि जीवन का हिस्सा हैं. यही भी पढ़ें : आप, कांग्रेस, शिअद ने चंडीगढ़ सलाहकार के पद का नाम बदलने के केंद्र के कदम की निंदा की
पीएम मोदी ने प्रवासियों के दिलों में धड़कते भारत की बात की. बोले, भारतीय हर जगह जुड़ जाते हैं, हमें विविधता सिखानी नहीं पड़ती, हमारा जीवन ही इससे चलता है. इसलिए भारतीय जहां भी जाते हैं, वहां की सोसाइटी से जुड़ जाते हैं. जहां जाते हैं, वहां के नियमों और परम्पराओं की इज्जत करते हैं. देश की सेवा करते हैं. विकास में योगदान करते हैं. इनके बीच हमारे दिल में भारत भी धड़कता रहता है. हम भारत की हर खुशी में खुश होते हैं. उत्सव मनाते हैं. 21वीं सदी का भारत जिस गति से आगे बढ़ रहा है, जिस गति से विकास के काम हो रहे हैं, वह अभूतपूर्व है.
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व की बात कही. बोले, "यह समय उत्सव का है. हम महाकुंभ, मकर संक्रांति, लोहड़ी और पोंगल जैसे पर्वों के बीच एकत्र हुए हैं, जो हमारे समाज की विविधता और एकता को प्रदर्शित करते हैं." उन्होंने याद दिलाया कि 9 जनवरी 1915 को महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे और तब से यह दिन विशेष रूप से मनाया जा रहा है.
प्रधानमंत्री ने ओडिशा की सांस्कृतिक धरोहर की सराहना करते हुए कहा, "ओडिशा की भूमि पर कदम-कदम पर संस्कृति का प्रतीक देखने को मिलता है. यह भूमि हमारे सम्राट अशोक की शांति की धरोहर को संजोए हुए है. ओडिशा का यह ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व हमें शांति, विकास और वैश्विक समृद्धि की दिशा में प्रेरित करता है."
प्रधानमंत्री ने भारत के विकास की गति पर जोर देते हुए कहा, "बीते 10 वर्षों में भारत ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है और आज भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है. यह अभूतपूर्व सफलता है और हम आगे बढ़ते हुए तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर हैं."
उन्होंने कहा, "आज भारत का चंद्रयान अपनी सफलता की ओर बढ़ रहा है, हम नवीकरणीय ऊर्जा, मेट्रो, बुलेट ट्रेन, और मेड इन इंडिया उत्पादों के साथ प्रगति की नई ऊंचाइयों तक पहुंच रहे हैं. यह सभी कारक भारत के वैश्विक प्रभाव को मजबूत कर रहे हैं." प्रधानमंत्री ने आगे कहा, "भारत की सफलता को अब दुनिया देख रही है और हमारे विकास की दिशा का सम्मान किया जा रहा है. हमारा देश न केवल अपने मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाता है, बल्कि वैश्विक दक्षिण की आवाज भी बनता है."
कार्यक्रम में विदेश मंत्री एस जयशंकर प्रसाद, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, अश्विनी वैष्णव, शोभा करांदे, कीर्ति वर्धन सिंह, ओडिशा सरकार के उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव और अन्य मंत्रीगण, सांसद तथा विधायकों सहित हजारों प्रवासी भारतीय उपस्थित थे. पीएम मोदी ने प्रवासी भारतीयों को ध्यान में रखकर शुरू की गई स्पेशल टूरिस्ट ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाई. यह ट्रेन दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से चली और तीन सप्ताह तक कई पर्यटक स्थलों तक जाएगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 09, 2025 11:56 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

