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MP: क्या खतरे में है प्रोजेक्ट चीता? Kuno National Park में अब 'नाभा' की मौत, अब तक कुल 14 चीतों की जा चुकी है जान

MP के श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) से एक बार फिर दुखद खबर आई है. यहां अफ्रीका से लाई गई आठ साल की मादा नामीबियन चीता "नाभा" की शनिवार को इलाज के दौरान मौत हो गई.

MP: क्या खतरे में है प्रोजेक्ट चीता? Kuno National Park में अब 'नाभा' की मौत, अब तक कुल 14 चीतों की जा चुकी है जान
प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo- @KunoNationalPrk/X)

Cheetah Nabha Dies in Kuno National Park: मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) से एक बार फिर दुखद खबर आई है. यहां अफ्रीका से लाई गई आठ साल की मादा नामीबियन चीता "नाभा" की शनिवार को इलाज के दौरान मौत हो गई. बताया जा रहा है कि उसे करीब एक हफ्ते पहले गंभीर चोटें आई थीं. कूनो के निदेशक उत्तम शर्मा के मुताबिक, नाभा को ये चोटें शिकार करने के प्रयास के दौरान उसके सॉफ्ट रिलीज बोमा (विशेष बाड़े) में लगी थीं. जांच में पता चला कि उसके शरीर के बाएं हिस्से में अलना और फिबुला हड्डियों में फ्रैक्चर था, साथ ही कई अन्य चोटें भी थीं. हालांकि मौत का असली कारण पोस्टमॉर्टम के बाद ही साफ हो पाएगा.

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कहां से लाए गए हैं ये चीते?

नाभा को सितंबर 2022 में ‘प्रोजेक्ट चीता’ के तहत नामीबिया से भारत लाया गया था. इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य भारत में विलुप्त हो चुके चीतों की प्रजाति को फिर से बसाना है. भारत में चीता को साल 1952 में आधिकारिक रूप से विलुप्त घोषित कर दिया गया था. आखिरी चीता 1947 में छत्तीसगढ़ (तब मध्य प्रदेश का हिस्सा) के कोरिया जिले में मारा गया था.

17 सितंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आठ नामीबियाई चीते, तीन नर और पांच मादा कूनो नेशनल पार्क में छोड़े गए थे. इसके बाद फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते लाए गए.

देशभर में सिर्फ 28 चीते बचे

लेकिन नाभा की मौत के साथ, अब तक कुल 14 चीतों की मौत हो चुकी है, जिनमें से 9 वयस्क चीते और 5 भारत में जन्मे शावक शामिल हैं. अब कूनो में कुल 26 चीते बचे हैं, जिनमें 9 विदेशी (6 दक्षिण अफ्रीकी और 3 नामीबियाई) और 17 भारत में जन्मे हैं. इनमें से 16 चीते खुले जंगल में घूम रहे हैं, जबकि 10 अभी भी बोमाओं में हैं. इसके अलावा, दो नर चीते, प्रभास और पावक को इस साल 28 अप्रैल को गांधी सागर वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी (उज्जैन) में शिफ्ट किया गया है.

यानी देशभर में अब कुल 28 चीते बचे हैं. अच्छी खबर यह है कि मादा चीते ‘वीरा’ और ‘निर्वा’ और उनके नवजात शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें विशेष देखरेख में रखा गया है.

'प्रोजेक्ट चीता' पर उठे सवाल

अब सवाल उठता है कि क्या बार-बार हो रही इन मौतों के बाद 'प्रोजेक्ट चीता' की सफलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं? क्या पर्यावरणीय परिस्थितियां इनके लिए उपयुक्त नहीं हैं या प्रबंधन में कहीं चूक है?

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 12, 2025 07:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).