Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘माझी लाडकी बहिण योजना’ के तहत राज्य की लाखों महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जा रही है. योजना के सुचारू संचालन के लिए प्रशासन ने e-KYC प्रक्रिया को अनिवार्य किया है. जिन लाभार्थियों की e-KYC में गलती या अधूरी जानकारी है, उन्हें आगे मिलने वाली किस्तों में दिक्कत आ सकती है. ऐसे में सरकार ने लाडकी बहनों को e-KYC में सुधार का आखिरी मौका दिया है, जिसे तय समय सीमा के भीतर पूरा करना जरूरी है ताकि योजना का लाभ बिना रुकावट मिलता रहे.
31 मार्च तक EKYC के लिए समय
महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे के अनुसार, जिन महिलाओं के e-KYC (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर) में तकनीकी त्रुटियां थीं या जानकारी गलत दर्ज हो गई थी, वे अब 31 मार्च 2026 तक अपने विवरण में सुधार कर सकती हैं. यह उन महिलाओं के लिए आखिरी मौका है जिनकी 1,500 रुपये की मासिक सहायता राशि e-KYC की समस्याओं के कारण रुक गई थी. यह भी पढ़े: Mazi Ladki Bahin Yojana: माझी लाड़की बहीण योजना e-KYC की गलतियों को सुधारने का आखिरी मौका, 31 मार्च तक बढ़ी डेडलाइन; ऐसे मिलेंगे ₹4,500
क्यों जरूरी है eKYC प्रक्रिया?
राज्य सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और यह जांचने के लिए कि लाभ सीधे सही पात्र महिला तक पहुंच रहा है, आधार प्रमाणीकरण (Aadhar Authentication) जरूरी है. कई मामलों में बैंक खाते और आधार लिंक न होने के कारण भुगतान विफल हो रहे थे. ई-केवाईसी के माध्यम से इन विसंगतियों को दूर किया जा रहा है.
कैसे पूरी करें ई-केवाईसी?
लाभार्थी महिलाएं दो मुख्य तरीकों से इस प्रक्रिया को पूरा कर सकती हैं:
-
'नारी शक्ति दूत' ऐप: लाभार्थी अपने मोबाइल पर आधिकारिक ऐप के माध्यम से स्वयं आधार ओटीपी (OTP) का उपयोग करके ई-केवाईसी कर सकती हैं.
-
CSC केंद्र: यदि मोबाइल पर समस्या आ रही है, तो नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या 'आपले सरकार' सेवा केंद्र पर जाकर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए इसे पूरा किया जा सकता है.
योजना की वर्तमान स्थिति और लाभ
इस योजना के तहत महाराष्ट्र सरकार पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करती है. फरवरी 2026 तक राज्य की 2 करोड़ से अधिक महिलाएं इस योजना से जुड़ चुकी हैं. सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन महिलाओं के आवेदन पहले ही स्वीकृत हो चुके हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है, बस उन्हें अपने आधार को बैंक खाते से 'डीबीटी' (DBT) के लिए सक्रिय रखना होगा.
नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
प्रशासन ने अपील की है कि लाभार्थी किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति को अपनी गोपनीय जानकारी या ओटीपी साझा न करें. ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है (यदि आप स्वयं ऐप से करते हैं). यदि बैंक खाता सक्रिय नहीं है, तो उसे तुरंत चालू करवाएं ताकि तकनीकी कारणों से भुगतान न रुके.













QuickLY