Ladki Bahin Yojana Update: लाडकी बहनों को e-KYC सुधार के लिए अब 30 अप्रैल तक का एक और मौका, प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर क़िस्त रूक सकती है 

महाराष्ट्र सरकार ने 'माझी लाडकी बहीण' योजना के तहत e-KYC न कराने वाली 71 लाख महिलाओं के खाते अस्थायी रूप से बंद कर दिए हैं. पात्र लाभार्थियों के लिए सत्यापन की समय सीमा अब 30 अप्रैल तक बढ़ा दी गई है.

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  Ladki Bahin Yojana Update: महाराष्ट्र की महायुति सरकार की सबसे चर्चित 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना' को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक अपडेट सामने आया है. राज्य सरकार ने अनिवार्य e-KYC (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर) प्रक्रिया पूरी न करने के कारण लगभग 71 लाख लाभार्थियों के खातों को अस्थायी रूप से निलंबित (Suspend) कर दिया है. हालांकि, पात्र महिलाओं को राहत देते हुए प्रशासन ने सत्यापन की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 अप्रैल, 2026 कर दिया है.

यह कार्रवाई उन शिकायतों के बाद की गई है जिनमें दावा किया गया था कि अपात्र व्यक्ति, पुरुष सदस्य और कुछ सरकारी कर्मचारी भी इस योजना का अनुचित लाभ उठा रहे हैं.

डेटा शुद्धीकरण और सक्रिय लाभार्थियों की स्थिति

महिला एवं बाल विकास विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के लिए कुल 2.43 करोड़ महिलाओं ने पंजीकरण कराया था. e-KYC की अनिवार्य प्रक्रिया के बाद अब सक्रिय लाभार्थियों की संख्या घटकर करीब 1.75 करोड़ रह गई है.

अधिकारियों का कहना है कि डेटा शुद्धीकरण (Data Cleanup) की यह प्रक्रिया सरकारी खजाने पर पड़ रहे अतिरिक्त बोझ को कम करने और केवल जरूरतमंद महिलाओं तक लाभ पहुँचाने के लिए आवश्यक है. 71 लाख खातों के बंद होने से सरकार को सालाना लगभग 12,240 करोड़ रुपये की बचत होने का अनुमान है.

3,000 रुपये एक साथ आने की उम्मीद

लगातार देरी के बाद, पात्र लाभार्थियों के लिए एक अच्छी खबर भी है. रिपोर्ट्स के अनुसार, जिन महिलाओं का e-KYC सफल रहा है, उन्हें फरवरी और मार्च 2026 की लंबित किस्तें एक साथ मिल सकती हैं.

उम्मीद जताई जा रही है कि 15 अप्रैल, 2026 तक पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से कुल 3,000 रुपये (1,500 + 1,500) की संयुक्त राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी. प्रशासनिक ऑडिट और तकनीकी सत्यापन के कारण इस बार भुगतान में देरी हुई थी.

e-KYC के लिए अंतिम अवसर

सरकार ने स्पष्ट किया है कि 30 अप्रैल की समय सीमा लाभार्थियों के लिए अपनी जानकारी सुधारने का आखिरी मौका होगी.

सरकार का संकल्प: जारी रहेगी योजना

विपक्ष के दावों के विपरीत, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने बार-बार दोहराया है कि यह योजना बंद नहीं की जाएगी. वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में भी इस योजना के लिए 26,000 करोड़ रुपये का पर्याप्त प्रावधान किया गया है. प्रशासन का मुख्य फोकस अब केवल यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र महिला तकनीकी कारणों से इस लाभ से वंचित न रहे.

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