न्यूयॉर्क: अंतर्राष्ट्रीय मंच पर हमेशा कश्मीर राग अलापने वाले पाकिस्तान को भारत ने सलाह दी है. संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएन) में भारत की ओर से पाकिस्तान की नवनिर्वाचित इमरान सरकार को आतंकवाद से लड़ने की हिदायत दी गई और कहा कि कश्मीर मुद्दे पर वार्ता के लिए पाकिस्तान को पहले अपने विचार शांतिपूर्ण बनाने चाहिए.
यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा, "हम आशा करते हैं कि पाकिस्तान की नई सरकार बहस में लिप्त होने के बजाय दक्षिण एशिया को शांत, सुरक्षित, विकसित और आतंकवाद से मुक्त क्षेत्र बनाने के लिए काम करेगी."
सैय्यद अकबरुद्दीन ने पाकिस्तान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि हम नई सरकार से सकारात्मक पहल की उम्मीद करते हैं. भारत ने इसके साथ ही पाकिस्तान को नसीहत देते हुए यह भी कहा है कि अगर वह शांति की बात करना चाहता है तो पहले उसे अपने विचारों को शांतिपूर्ण बनाना चाहिए.
We hope the new government of Pakistan will, rather than indulge in polemics, work constructively to build a safe, stable, secure and developed South Asian region, free of terror and violence: Syed Akbaruddin,India’s Permanent Representative to the United Nations pic.twitter.com/pTDloaAyEA
— ANI (@ANI) August 30, 2018
“पाकिस्तान को छद्म राजनीति से ऊपर उठकर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए. पाकिस्तान का कोई ऐसा प्रतिनिधि मंडल जिसका वैधानिक अस्तित्व नहीं है अगर वह कश्मीर की संबंध में कहता है तो उसका कोई अर्थ ही नहीं है.”
We remind Pakistan, the one isolated delegation that made unwarranted references to an integral part of India, that pacific settlement requires pacific intent in thinking & pacific content in action: Syed Akbaruddin,India’s Permanent Representative to the United Nations pic.twitter.com/vnqp0oJgbD
— ANI (@ANI) August 30, 2018
गौरतलब हो कि भारत कई बार अंतराष्ट्रीय मंच पर आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को घेर चूका है. एक उच्चस्तरीय बैठक में अकबरुद्दीन ने कहा था कि भारत और अफगानिस्तान में आतंकवादी हमले कराने को लेकर पाकिस्तान की मानसिकता बदलने की जरूरत है.
उन्होंने कहा कि भारत अफगानिस्तान में शांति, स्थिरता और विकास के लिए क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर काम कर रहा है. उन्होंने कहा, "यह मानसिकता 'अच्छे' और बुरे आतंकवादियों के बीच फर्क करती है. यह मानसिकता नहीं चाहती कि शांति कायम रहे. यह मानसिकता हमारे देश और हमारे युवाओं के लिए एक साझा भविष्य के निर्माण के लिए क्षेत्र को आगे बढ़ाने में सहयोग नहीं करना चाहती."













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