Fact Check: मोबाइल टावर लगाने के नाम पर ठगी! TRAI के नाम से जारी नोटिस फर्जी, सरकार ने किया सचेत
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Fact Check: अगर आपको TRAI या DoT के नाम से कोई नोटिस मिला है, जिसमें ₹5,000 जमा कर मोबाइल टावर लगवाने का वादा किया गया है, तो सावधान हो जाइए! दरअसल, PIBFactCheck ने इस नोटिस को फर्जी करार दिया है. सरकारी एजेंसी ने बताया कि देशभर में कई फर्जी कंपनियां, एजेंसियां और व्यक्ति लोगों को मोबाइल टावर लगाने के नाम पर ठगने का काम कर रहे हैं. ये लोग आम जनता को मोटी कमाई और हर महीने अच्छा किराया देने का झांसा देते हैं.

लेकिन असल में, ये ठग लोगों से सुरक्षा राशि, पंजीकरण शुल्क, स्टांप ड्यूटी और अन्य फर्जी शुल्क के नाम पर पैसे वसूलते हैं और फिर गायब हो जाते हैं.

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TRAI और DoT का क्या कहना है?

दूरसंचार विभाग (DoT) और भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने स्पष्ट किया है कि वे मोबाइल टावर लगाने के लिए किसी भी प्रकार की मंजूरी (No Objection Certificate - NOC) जारी नहीं करते हैं. ऐसे में अगर आपके पास भी कोई ऐसा नोटिस या कॉल आए जिसमें मोबाइल टावर लगवाने के नाम पर एडवांस पैसे मांगे जा रहे हों, तो सतर्क रहें और पहले DoT की आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी प्राप्त करें.

DoT ने जनता को सतर्क करते हुए कहा:

  • मोबाइल टावर लगाने के लिए किसी से भी एडवांस पैसे न दें.
  • DoT/TRAI का इस तरह की प्रक्रिया से कोई लेना-देना नहीं है.
  • टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर (TSP) और इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर (IP-1) ही टावर इंस्टॉल करते हैं.
  • DoT की वेबसाइट पर आधिकारिक TSP और IP-1 कंपनियों की सूची उपलब्ध है।**

असली कंपनियों की लिस्ट देखने के लिए यहां क्लिक करें:

शिकायत के लिए DoT का संपर्क:

  • ईमेल: jtoc.mb-dgt-dot[at]gov[dot]in
  • फोन: 022-28472605

अपनी मेहनत की कमाई को बचाएं!

अगर आपके पास भी कोई ऐसा नोटिस या कॉल आए जिसमें मोबाइल टावर लगवाने के नाम पर एडवांस पैसे मांगे जा रहे हों, तो सतर्क रहें और पहले DoT की आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी प्राप्त करें. किसी भी अनजान कंपनी पर भरोसा करने से पहले .पूरी तरह से जांच-पड़ताल करें और अपनी मेहनत की कमाई को ठगों के हाथों लुटने से बचाएं.