भारत-अमेरिका ट्रेड डील की बातचीत फिर तेज, दोनों देशों ने कहा- समझौते के लिए बढ़ाएंगे कदम
PM Modi and Donald Trump | PTI

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच रुकी हुई व्यापार वार्ता (India-US Trade Deal Talk) ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है. मंगलवार को औपचारिक रूप से फिर शुरू हुई इस बातचीत को दोनों देशों ने “सकारात्मक और आगे की ओर बढ़ने वाला” बताया. अमेरिका के मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच (Brendan Lynch) के नेतृत्व में यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव की टीम 16 सितंबर को भारत पहुंची. भारत की ओर से विशेष सचिव (वाणिज्य विभाग) राजेश अग्रवाल ने टीम का नेतृत्व किया. दोनों देशों ने इस मुलाकात के बाद बयान जारी कर कहा कि वे “परस्पर लाभकारी समझौते को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए प्रयास तेज़ करेंगे.”

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यह बातचीत मार्च-अप्रैल में शुरू हुई थी, लेकिन बीच में अमेरिकी टैरिफ (Tariff) बढ़ोतरी ने माहौल बिगाड़ दिया. अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाया था. इससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया और वार्ता धीमी पड़ गई.

भारत का रुख- किसानों की सुरक्षा पहले

भारत ने साफ किया है कि वह अमेरिकी कृषि और डेयरी उत्पादों के लिए अपने बाजार के दरवाज़े पूरी तरह नहीं खोलेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कहा है कि “किसानों की रक्षा किसी भी कीमत पर की जाएगी.”

अमेरिका का दबाव और जल्दीबाजी

अमेरिका चाहता है कि यह समझौता जल्द हो, क्योंकि उसके निर्यातक भारतीय बाजार में ज्यादा पहुंच बनाना चाहते हैं. अमेरिकी अधिकारियों ने पहले कहा था कि वार्ता में देरी भी अतिरिक्त टैरिफ लगाने की एक वजह है.

कब तक हो सकता है समझौता

पहले उम्मीद थी कि यह डील सितंबर तक हो जाएगी, लेकिन अब संकेत मिल रहे हैं कि इसका पहला चरण नवंबर तक तैयार हो सकता है.

भारत-अमेरिका व्यापार पर असर

भारत के अमेरिकी बाज़ार में निर्यात पर टैरिफ का असर दिखना शुरू हो गया है. अगस्त में अमेरिका को भारत का निर्यात घटकर 6.86 अरब डॉलर रह गया, जो जुलाई में 8.01 अरब डॉलर था. आने वाले महीनों में इसका असर और साफ दिख सकता है. यह व्यापार समझौता दोनों देशों के लिए आर्थिक मजबूती और नए अवसरों के दरवाजे खोल सकता है.