नई दिल्ली: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) द्वारा भारत पर लगाए गए आतंकी प्रॉक्सी के आरोपों के बाद भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. भारत ने इस बयान को “बिना सबूत का झूठा और हताशा से भरा” करार देते हुए पाकिस्तान के नेतृत्व को “भ्रमित और वास्तविकता से कटा हुआ” बताया है. भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जवाब देते हुए कहा, “भारत इन झूठे और निराधार आरोपों को सिरे से खारिज करता है. पाकिस्तान का नेतृत्व पूरी तरह से भ्रमित है और अपने ही देश की बिगड़ती स्थिति से ध्यान हटाने के लिए भारत के खिलाफ झूठे नैरेटिव गढ़ रहा है.”
उन्होंने आगे कहा, “पाकिस्तान का यह एक परिचित तरीका है, अपने देश में हो रही सैन्य दखलअंदाजी, संवैधानिक संकट और सत्ता संघर्ष से जनता का ध्यान भटकाने के लिए भारत पर उंगली उठाना.”
क्या कहा था शहबाज शरीफ ने?
इस्लामाबाद के जिला अदालत के बाहर हुए आत्मघाती हमले में 12 लोगों की मौत और 27 घायल हुए थे. इस घटना के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बिना किसी सबूत के भारत पर आरोप लगाते हुए कहा कि “यह हमला भारतीय प्रायोजित आतंकियों द्वारा किया गया है.” उन्होंने यहां तक कहा कि अफगानिस्तान सीमा के पास एक कैडेट कॉलेज पर हुआ हमला भी “भारतीय राज्य आतंकवाद” का उदाहरण है.
भारत ने दिया करारा जवाब
विदेश मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान की इन ‘हताशा भरी कोशिशों’ को अच्छी तरह समझता है और इनसे गुमराह नहीं होगा. भारत ने दोहराया कि वह आतंकवाद के किसी भी रूप और उससे जुड़े झूठे प्रचार का दृढ़ता से विरोध करता रहेगा.
हमले की जिम्मेदारी ली पाकिस्तानी तालिबान ने
दिलचस्प बात यह है कि जिस हमले को पाकिस्तान का प्रधानमंत्री “भारतीय प्रायोजित” बता रहा है, उसकी जिम्मेदारी पाकिस्तानी तालिबान (TTP) ने खुद ली है. यह हमला इस्लामाबाद के एक आवासीय इलाके में स्थित जिला अदालत के बाहर हुआ था, जब वहां कई अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भी चल रहे थे.
TTP ने खुद को इस हमले का जिम्मेदार बताया, जो पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था और उसके आतंकी समूहों के बीच बढ़ती नजदीकियों को उजागर करता है. इसके बावजूद पाकिस्तान भारत पर उंगली उठाकर अपने असली संकट से ध्यान भटकाने की कोशिश करता दिख रहा है.













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