COVID-19: काफी समय तक कोरोना वायरस के मामलों में ठहराव के बाद, भारत के कई राज्यों में अब कोविड-19 के मामले फिर से बढ़ने लगे हैं. हालांकि यह बढ़ोतरी अब तक पहले की लहरों जितनी गंभीर नहीं है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है. एशिया के कुछ हिस्सों में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए भारत में भी सावधानी बरतना जरूरी हो गया है. इस बार के मामलों के पीछे ओमिक्रॉन जेएन.1 सबवेरिएंट्स को जिम्मेदार माना जा रहा है. ये वेरिएंट्स आमतौर पर हल्के लक्षण देते हैं, लेकिन इनका तेजी से फैलना चिंता का कारण है. खासकर बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए ये खतरनाक साबित हो सकते हैं.
किन राज्यों में बढ़े मामले?
महाराष्ट्र: मई में 95 नए मामले आए जबकि जनवरी से अप्रैल तक सिर्फ 106 केस थे. 16 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं. हर बुखार या सर्दी-जुकाम वाले मरीज की कोविड जांच की जा रही है.
केरल: यहां सबसे ज्यादा एक्टिव केस हैं. मई में अब तक 182 नए केस आए. स्वास्थ्य मंत्री ने मास्क पहनने और सावधानी बरतने की अपील की है, खासकर बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए.
तमिलनाडु: चेन्नई और पुदुचेरी में मामलों में उछाल देखा गया है. फीवर के मामलों को अब इन्फ्लुएंजा नहीं, कोविड से जोड़ा जा रहा है. पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट भीड़-भाड़ वाले इलाकों में सावधानी बरतने की सलाह दे रहा है.
गुजरात: अहमदाबाद में पहले जहां हर महीने औसतन 1 केस आता था, वहीं अब हर दिन नए केस सामने आ रहे हैं. सभी मरीज होम आइसोलेशन में हैं और उनके सैंपल्स जीनोम टेस्टिंग के लिए भेजे गए हैं.
कर्नाटक: राज्य में 16 एक्टिव केस सामने आए हैं. स्वास्थ्य विभाग पूरी नजर बनाए हुए है ताकि कोई बड़ी लहर न आए.
उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सतर्क रहें, नियमित टेस्टिंग करें और अस्पतालों में सभी जरूरी सुविधाएं बनाए रखें.
सावधानियां जो हर किसी को बरतनी चाहिए
विशेषज्ञों का कहना है कि चाहे केस कम हो, लेकिन सावधानी में ही सुरक्षा है. खासकर बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों वाले लोगों को ज़रूर ये उपाय अपनाने चाहिए:
- मास्क पहनें: खासकर भीड़-भाड़ या बंद जगहों में.
- हाथ धोना न भूलें: साबुन या सैनिटाइज़र का इस्तेमाल करें.
- बीमार लोगों से दूरी रखें: और खुद बीमार हों तो घर में रहें.
- टीकाकरण और बूस्टर डोज़ समय पर लें: यह गंभीर बीमारियों से बचाता है.
खतरा टला नहीं है
विश्व स्वास्थ्य संगठन भले ही वैश्विक आपातकाल की स्थिति को समाप्त कर चुका हो, लेकिन कोरोना अब भी एक सक्रिय बीमारी है. भारत में यह एंडेमिक स्थिति में है यानी समय-समय पर इसके केस बढ़ सकते हैं. राज्य सरकारें जागरूकता, टेस्टिंग और अस्पताल तैयारियों पर ज़ोर दे रही हैं ताकि हालात नियंत्रण में रहें.
फिलहाल देश में हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन अगर हमने लापरवाही की, तो मामले फिर से बेकाबू हो सकते हैं. हम सभी को चाहिए कि सावधानी को फिर से अपनी आदत में शामिल करें. थोड़ी सी समझदारी से हम खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं.













QuickLY