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भारत में विभिन्न एआई प्रोडक्ट और सर्विस के निर्माण का ग्लोबल हब बनने की क्षमता: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने अपने कई डीपफेक वीडियो ऑनलाइन सर्कुलेट होते देखे हैं, जिनमें नागरिकों को गुमराह करने और तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने के लिए हेरफेर किया गया है. उन्होंने कहा कि यह हमें याद दिलाता है कि हमें अपनी सुरक्षा को तेजी से मजबूत करना होगा.

भारत में विभिन्न एआई प्रोडक्ट और सर्विस के निर्माण का ग्लोबल हब बनने की क्षमता: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

मुंबई, 7 अक्टूबर : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने अपने कई डीपफेक वीडियो ऑनलाइन सर्कुलेट होते देखे हैं, जिनमें नागरिकों को गुमराह करने और तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने के लिए हेरफेर किया गया है. उन्होंने कहा कि यह हमें याद दिलाता है कि हमें अपनी सुरक्षा को तेजी से मजबूत करना होगा. मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 के छठे संस्करण को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि न्यू जेनरेशन फ्रॉड न केवल फायरवॉल्स को ब्रीच करने से जुड़ा है बल्कि यह ट्रस्ट को हैक करने से जुड़ा है.

उन्होंने कहा, "अपराधी एआई का इस्तेमाल वॉइस की नकल करने, पहचान का क्लोन बनाने और असल लगने वाले वीडियो को बनाने के लिए कर रहे हैं, जो आम लोगों को आसानी से प्रभावित कर सकता है." उन्होंने बताया कि 90 प्रतिशत से अधिक निवेशकों को कवर करने वाले प्रमुख ब्रोकर और सभी म्यूचुअल फंड पहले ही इसे सक्षम कर चुके हैं. केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि एक वैलिड हैंडल बिना यूजर प्रिफरेंस को प्रभावित किए, सुरक्षा और एक्सेसिबिलिटी को बेहतर बनाते हुए, मौजूदा पेमेंट ऑप्शन को बरकरकरार रखते हुए प्रतिभूति बाजार में एक वेरिफाइड और सिक्योर पेमेंट चैनल स्थापित करता है. यह भी पढ़ें : सुप्रीम कोर्ट में बिहार एसआईआर मामले की सुनवाई जारी, 3.66 लाख मतदाताओं के नाम हटाने पर सख्त सवाल

सेबी ने सेबी चेक शुरू किया है, जो निवेशकों को वेब पोर्टल और सारथी ऐप के माध्यम से पेमेंट करने से पहले यूपीआई, एनईएफटी, आरटीजीएस और आईएमपीएस में रजिस्टर्ड मध्यस्थों की यूपीआई आईडी और बैंक अकाउंट डिटेल्स (खाता संख्या+आईएफएससी) वेरिफाई करने की अनुमति देता है. वित्त मंत्री सीतारमण ने आगे कहा कि सरकार ने नीतिगत समर्थन, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और दूरदर्शी विनियमन के संतुलित मिश्रण के माध्यम से फिनटेक सेक्टर के विकास और इनोवेशन को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका निभाई है.

उन्होंने कहा, "आधार, यूपीआई, अकाउंट एग्रीगेटर फ्रेमवर्क और डिजी लॉकर सभी ने नागरिकों की बेहतरी के लिए पब्लिक फाइनेंस के संचालन के तरीके को निर्णायक रूप से बदल दिया है. भारत ने 1.3 बिलियन डॉलर के इंडियाएआई मिशन के शुभारंभ के साथ ग्लोबल एआई क्षेत्र में निर्णायक रूप से कदम रखा है." भारत ग्लोबल एआई टैलेंट में 16 प्रतिशत का योगदान देता है और टॉप तीन टैलेंट मार्केट में से एक है. भारतीय पब्लिक जेन-एआई गिटहब परियोजनाओं में दूसरे सबसे बड़े योगदानकर्ता हैं. अनुमान है कि एआई-सक्षम जीसीसी 2028 तक भारत के एआई सर्विस मार्केट के राजस्व में 30-35 प्रतिशत का योगदान देंगे.

वित्त मंत्री ने कहा, "इस प्रकार, भारत में विभिन्न एआई प्रोडक्ट और सर्विस के निर्माण का ग्लोबल हब बनने की क्षमता है." भारत ऐसे एआई उत्पाद भी बना सकता है जो दुनिया भर में अलग-अलग उपयोग मामलें के अनुकूल हों. यह एआई विचारों के विकास और टेस्टिंग के लिए एक प्रयोगशाला हो सकता है. उन्होंने आगे कहा कि देश फिनटेक जीसीसी के लिए इनोवेशन को बढ़ावा देने का एक खास अवसर भी प्रदान करता है क्योंकि हमारे पास एक डीप टैलेंट बेस और अनुकूल सरकारी नीतियां हैं

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 07, 2025 04:44 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).