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Contraceptive Ineffective In Mumbai: गर्भनिरोधक से समस्या और कंडोम फटने जैसी घटनाओं से अबॉर्शन की संख्या में इजाफा; मुंबई में पिछले तीन वर्षों में 67,636 गर्भपात हुए

मुंबई शहर में पिछले कुछ वर्षों में गर्भपात (Abortion) का प्रमाण बढ़ गया है. खासकर 30 से 34 वर्ष की महिलाओं और युवतियों में गर्भपात बड़े पैमाने पर शुरू है.आरटीआई कार्यकर्ता की ओर से मुंबई नगर स्वास्थ्य (BMC ) विभाग से मांगी गई जानकारी में ये खुलासा हुआ है.

Contraceptive Ineffective In Mumbai: गर्भनिरोधक से  समस्या और कंडोम फटने जैसी घटनाओं से अबॉर्शन की संख्या में इजाफा; मुंबई में पिछले तीन वर्षों में 67,636 गर्भपात हुए
Credit -Pixabay

मुंबई शहर में पिछले कुछ वर्षों में गर्भपात (Abortion) का प्रमाण बढ़ गया है. खासकर 30 से 34 वर्ष की महिलाओं और युवतियों में गर्भपात बड़े पैमाने पर शुरू है.आरटीआई कार्यकर्ता की ओर से मुंबई नगर स्वास्थ्य (BMC ) विभाग से मांगी गई जानकारी में ये खुलासा हुआ है. खासबात ये है की गर्भनिरोधक जैसी चीज़े नाकाफी हो रही है.

जिसके कारण गर्भधारण की संख्या बढ़ रही है. कई बार संबंध बनाते हुए कंडोम फटने और अन्य कारणों के कारण महिलाओं में गर्भधारण का प्रमाण बढ़ने की बात सामने आई है. एक आकड़े एक अनुसार मुंबई महानगरपालिका की हद में पिछले तीन वर्षों में करीब 67,636 गर्भपात हुए है. खासकर 30 से लेकर 34 वर्ष की महिलाओं में ये प्रमाण दिखाई दिया है. ये भी पढ़े :Drink Water Healthy Brain: दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए बच्चों को कितना पानी पीना चाहिए? लापरवाही बरतते हैं 75 प्रतिशत बच्चे

न चाहते हुए भी गर्भधारण के कारण

असुरक्षित यौन संबंध, गर्भनिरोधक के उपयोग से परहेज, इसके साथ ही शादी से पहले शारीरिक संबंध और उसके बाद गर्भधारण इसके प्रमुख कारण माने गए है. लेकिन अभी कुछ वर्षों में गर्भनिरोधक जैसे कारण भी फेल होने की जानकारी सामने आई है. ' लोकसत्ता ' इस न्यूज़पेपर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पिछले तीन वर्षो में मुंबई शहर में 78,199 महिलाओं का गर्भपात हुआ है. इसमें से 67,636 महिला 30 से लेकर 34 की उम्र की थी. इसमें आश्चर्य लगनेवाली बात ये है की गर्भपात गर्भनिरोधक फेल होने के कारण ये गर्भपात किए गए.

गर्भपात करनेवाली महिलाओं की संख्या में उम्र के अनुसार बदलाव

आरटीई कार्यकर्त्ता चेतन कोठारी ने मुंबई महानगरपालिका की ओर से मिली जानकारी के आधार पर उन्होंने नवभारत टाइम्स को बताया है की ,' बीएमसी के स्वास्थ विभाग द्वारा दिए हुए आकड़ो के अनुसार 2023-24 में 25,835 महिलाओं ने गर्भपात किया. 25 से लेकर 29 वर्ष की महिलाओं का गर्भपात करने का प्रमाण 7,606 है तो वही 35 से लेकर 39 की उम्र की महिलाओं के गर्भपात करने का प्रमाण 4,802 हैं. 20 से लेकर 24 साल की उम्र की 3,669 महिलाओं ने गर्भपात किया है.

सुरक्षित यौन संबंध को लेकर युवाओं में लापरवाही

महानगर पालिका के अधिकारी ने मीडिया आउटलेट से बात करते हुए जानकारी दी की ,' कई बार युवा सुरक्षित यौन संबंध को अनदेखा करते है. जिसके कारण इंजेक्शन, कंडोम ,कॉपर टी जैसी चीजों का इस्तेमाल नही किया जाता है.कई बार यौन संबंध बनाने के समय कंडोम फटने की घटनाएं भी सामने आती है. कई बार सुरक्षा के कई उपाय करने के बाद भी महिलाओं को गर्भधारण हो जाता है. जिसके कारण भी गर्भपात किया जाता है.

गर्भपात करना आसान नहीं है

गर्भपात मतलब ये है की अनचाहे गर्भ से और प्रेगेन्सी से मुक्ति. कभी -कभी इसे ' गर्भाधारना समाप्ति ' भी कहा जाता है. देखा जाएं तो गर्भपात ये एक डॉक्टरी प्रक्रिया मानी जाती है, लेकिन ये इतनी आसान नहीं है. गर्भपात करने के लिए स्पेशल कानून है. इस कानून के अनुसार गर्भपात केवल तभी किया जा सकता है जब विशिष्ट परिस्थितियों और शर्तों का आधार हो. गर्भपात करते समय उसके समय पर भी ध्यान देना होता है. अगर ऐसा नहीं किया गया तो गर्भपात करनेवाले डॉक्टर्स पर और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो सकती है.

 

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 11, 2024 01:43 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).