Palghar में 12वीं के छात्रों ने बनाया महिला शिक्षिका का अश्लील वीडियो, फिर इंस्टाग्राम पर कर दिया अपलोड; Navi Mumbai में नाबालिग छात्र से क्लास टीचर ने की गंदी बात

Maharashtra Crime Mews: मुंबई से सटे पालघर और नवी मुंबई से दो चौंकाने वाली घटनाएं सामने आई हैं, जिन्होंने स्कूल-कॉलेजों की सुरक्षा और गरिमा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. पहली घटना पालघर के नायगांव इलाके की है, जहां एक नामी कॉलेज के 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले दो छात्रों पर अपनी महिला टीचर की फोटो को अश्लील तरीके से एडिट करके सोशल मीडिया पर वायरल करने का आरोप लगा है. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, महिला टीचर कॉलेज के एक कार्यक्रम में मंच पर एंकरिंग कर रही थीं. उसी दौरान एक छात्र ने चुपके से उनकी तस्वीर ले ली.

बाद में उस तस्वीर को किसी अश्लील इमेज पर मॉर्फ करके अपने एक दोस्त को भेज दिया, जिसने उसे इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दिया.

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नाबालिग छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज

देखते ही देखते ये फर्जी अश्लील तस्वीर कई लोगों तक पहुंच गई. जब ये फोटो खुद टीचर और उनके परिवार तक पहुंची, तो वो हक्का-बक्का रह गए. इसके बाद महिला टीचर ने 6 अगस्त को नायगांव पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई.

पुलिस ने दोनों नाबालिग छात्रों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है.

महिला स्कूल टीचर की गंदी करतूत

वहीं दूसरी घटना नवी मुंबई से है, जहां एक 35 साल की स्कूल टीचर को नाबालिग छात्र से अश्लील चैट और वीडियो कॉल करने के मामले में गिरफ्तार किया गया है. जानकारी के मुताबिक, ये महिला टीचर लंबे समय से छात्र को इंस्टाग्राम पर आपत्तिजनक मैसेज भेज रही थीं. बात यहीं नहीं रुकी — बाद में दोनों के बीच वीडियो कॉल होने लगे, जिसमें महिला टीचर कथित रूप से आधे कपड़ों में होती थीं.

जब छात्र ने घर पर ये बात बताई, तो उसके पिता ने तुरंत पुलिस में शिकायत दी. पुलिस ने मामले की जांच कर टीचर को गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ POCSO एक्ट के तहत गंभीर धाराएं लगाई गई हैं.

साइबर जागरूकता के नियम बनाने की जरूरत

इन दोनों मामलों ने ये साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल किस तरह शिक्षा व्यवस्था में ज़हर घोल सकता है.

अब जरूरत है कि स्कूल-कॉलेज अपने छात्रों और स्टाफ — दोनों के लिए साइबर जागरूकता और नैतिकता से जुड़े सख्त नियम बनाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई ना जाएं.