Meerut Battery Blast: मदरसे में रखे इन्वर्टर की बैटरी में हुआ ब्लास्ट, कई छात्र झुलसे, 3 की हालत गंभीर, मेरठ जिले के ललियाना गांव की घटना का वीडियो आया सामने (Watch Video)

मेरठ के ललियाना गांव में एक दिल दहलानेवाला हादसा सामने आया है. जहांपर एक मदरसे में इन्वर्टर बैटरी में धमाका हो गया. जिसके कारण एक दर्जन छात्र झुलस गए है तो वही 3 छात्रों की हालत गंभीर बताई जा रही है.

Credit-(X,@lalluram_news)

मेरठ,उत्तर प्रदेश: मेरठ जिले के किठौर थाना क्षेत्र स्थित ललियाना गांव में बुधवार को एक निजी प्राइमरी स्कूल में इन्वर्टर बैट्री फटने से बड़ा हादसा हो गया. इस हादसे में एक दर्जन मासूम छात्र झुलस गए, जिनमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है. घायलों को तत्काल इलाज के लिए नजदीकी क्लीनिक में भर्ती कराया गया है.मदरसा एक निजी मकान में चल रहा है. धमाके के बाद मदरसे के प्रबंधक सलीम अहमद और मुजीब ने घायल बच्चों को तुरंत निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया.मदरसे का संचालन एक कमेटी करती है, जिसके मुख्य पदाधिकारियों में मंसूर अहमद सोडल, सलीम अहमद सोडल और मुजीब अहमद सोडल शामिल हैं. इस घटना के बाद छात्रों के परिजनों में काफी रोष है. वीडियो जो सामने आया है,वह काफी भयावह है.इस वीडियो को सोशल मीडिया X पर @lalluram_news नाम के हैंडल से शेयर किया गया है. ये भी पढ़े:VIDEO: यूपी में चार्जिंग के दौरान मोबाइल में धमका, बैटरी ब्लास्ट होने से दुकानदार घायल, CCTV फुटेज आया सामने

 

मदरसे के इन्वर्टर की बैटरी में हुआ ब्लास्ट

घटना कैसे हुई?

जानकारी के अनुसार, सोडल ग्रुप पब्लिक स्कूल (जो कि 'मदरसा दार-ए-अरकम' के नाम से संचालित होता है) में सोमवार को नया सोलर पैनल लगाया गया था. लापरवाहीवश उसकी बैट्री को बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के खुले में रख दिया गया. बुधवार को इंटरवल के दौरान, जब बच्चे कैंटीन और शौचालय की ओर जा रहे थे, उसी समय बैट्री में ओवरचार्जिंग के कारण जोरदार विस्फोट हो गया.धमाके की चपेट में आकर झुलसे छात्रों की नाम अर्शे आलम (11 वर्ष), कमरे आलम (9 वर्ष),हुमेरा (10 वर्ष) ,इनमें से तीन बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है.

घटना के बाद स्कूल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

धमाके के तुरंत बाद स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया. स्थानीय ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे और बच्चों को निजी डॉक्टर के पास इलाज के लिए पहुंचाया. स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि स्कूल प्रशासन ने हादसे के बाद घटनास्थल की सफाई कराकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की.गुरुवार को जब स्कूल संचालक बच्चों का हाल-चाल लेने पहुंचे, तो परिजनों ने इलाज में मदद मांगी, लेकिन संचालक द्वारा कथित तौर पर अभद्रता की गई और सहायता से इनकार कर दिया गया.

स्कूल की मान्यता पर भी उठे सवाल

सूत्रों के अनुसार, यह स्कूल केवल कक्षा 5 तक की मान्यता पर चल रहा है, लेकिन हाईस्कूल तक की पढ़ाई कराई जा रही है.यही समूह बोंद्रा गांव में भी एक अन्य स्कूल संचालित करता है, जिसे संचालक मुजीब के भाई सलीम चला रहे हैं.

पुलिस जांच में जुटी

घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासन जांच में जुट गया है. हालांकि अभी तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है, लेकिन घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन पर कार्यवाही का दबाव बढ़ रहा है. स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि स्कूल की मान्यता की जांच की जाए और प्रशासनिक लापरवाही पर कार्रवाई हो.

 

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