UP Government New Housing Policy: यूपी सरकार ने नोएडा (Noida), ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) और यमुना प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्रों में नए कॉमन बिल्डिंग बायलॉज (New Common Building Bylaws) लाने की तैयारी कर रही है. इन नियमों के तहत, औद्योगिक, आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं के लिए ग्राउंड कवरेज सीमा हटा दी जाएगी और फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) बढ़ा दिया जाएगा. इसका मतलब है कि अब ज्यादा ऊंची इमारतें बनेंगी और बाजार में ज्यादा फ्लैट आएंगे. सरकार का उद्देश्य अधिक वर्टिकल और लेटरल ग्रोथ के जरिए निवेशकों को आकर्षित करना है.
हालांकि, फाइनेंस एजुकेटर और कंटेंट क्रिएटर अक्षत श्रीवास्तव (Finfluencer Akshat Srivastav) ने इस बदलाव पर निवेशकों को आगाह किया है. उनका मानना है कि यह कदम डेवलपर्स के लिए तो फायदेमंद होगा, लेकिन मौजूदा निवेशकों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा.
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'नोएडा में फ्लैट निवेशकों को हो सकती है मुश्किल'
Taller buildings= more supply
More supply= means it gets more and more difficult for you to sell your existing units.
More supply puts more pressure on existing (& by the way: extremely poor) infrastructure.
If you are owning a flat as an "investment" in Noida/Gurugram etc,… https://t.co/fdaExRHVwk
— Akshat Shrivastava (@Akshat_World) September 15, 2025
यूट्यूबर ने निवेशकों को दी सलाह
श्रीवास्तव का कहना है कि जब नई गगनचुंबी इमारतें बनेंगी, तो सप्लाई बहुत बढ़ जाएगी. ऐसे में पुराने फ्लैटों को बेचना बहुत मुश्किल हो जाएगा. यही कारण है कि उन्होंने निवेशकों को सलाह दी कि अगर किसी ने नोएडा या ग्रेटर नोएडा में केवल "निवेश" (Noida Land Investment) के तौर पर फ्लैट खरीदा है, तो उसे तुरंत बेच दें और पीछे मुड़कर न देखें.
कम हो जाएगी फ्लैट्स की वैक्यू?
अक्षत ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "जितनी ऊंची बिल्डिंग्स बनेंगी, उतनी ज्यादा सप्लाई बढ़ेगी. और ज्यादा सप्लाई का सीधा मतलब है कि आपके पुराने फ्लैट्स की वैल्यू दब जाएगी. ऊपर से पहले से ही कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर पर और बोझ बढ़ जाएगा."
यूपी सरकार की प्रतिक्रिया
हालांकि, सरकार का कहना है कि इन बदलावों से निवेशकों को फायदा होगा और रियल एस्टेट सेक्टर (Real Estate Sector) को नई उड़ान मिलेगी. लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती सप्लाई से कीमतों में गिरावट आ सकती है.












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