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दुष्कर्म पीड़िता आईएएफ अधिकारी का आरोप, चिकित्सा अधिकारियों ने कराया अवैध टेस्ट

भारतीय वायुसेना (आईएएफ) की एक महिला अधिकारी (जिन्होंने कोयंबटूर में भारतीय वायुसेना अकादमी में एक साथी अधिकारी द्वारा दुष्कर्म की शिकायत की थी) ने कहा है कि भारतीय वायुसेना के चिकित्सा अधिकारियों ने उसका टू फिंगर टेस्ट कराया था.

दुष्कर्म पीड़िता आईएएफ अधिकारी का आरोप, चिकित्सा अधिकारियों ने कराया अवैध टेस्ट
प्रतीकात्मक तस्वीर (File Photo: IANS)

चेन्नई, 30 सितम्बर: भारतीय वायुसेना (आईएएफ) की एक महिला अधिकारी (जिन्होंने कोयंबटूर में भारतीय वायुसेना अकादमी में एक साथी अधिकारी द्वारा दुष्कर्म की शिकायत की थी) ने कहा है कि भारतीय वायुसेना के चिकित्सा अधिकारियों ने उसका टू फिंगर टेस्ट कराया था. शिकायत में महिला अधिकारी ने कहा कि यौन शोषण का पता लगाने के लिए टू फिंगर टेस्ट (जो बलात्कार पीड़ितों की एक अवैध प्रारंभिक, अवैज्ञानिक जांच है) किया गया था.

ऑल वुमन पुलिस के समक्ष शिकायत में महिला अधिकारी ने कहा कि घटना से अवगत कराए गए भारतीय वायुसेना के कुछ अधिकारियों का रवैया उन्हें शिकायत वापस लेने के लिए मजबूर करने का था. शिकायत में कहा गया है कि यह स्पष्ट रूप से भारतीय वायुसेना की ओर से सहानुभूति की कमी के साथ-साथ अवैध टू फिंगर टेस्ट किया गया था, जो मानव अधिकारों और एक महिला की गरिमा का उल्लंघन था. एफआईआर में, महिला आईएएफ अधिकारी ने आरोप लगाया कि 9 सितंबर को उसके साथ दुष्कर्म किया गया था. यह भी पढ़े: Uttar Pradesh में नशे में धुत पड़ोसी ने नाबालिग लड़की से किया दुष्कर्म

उन्होंने कहा कि उसे 9 सितंबर को टखने में चोट लगी थी और उन्होंने आराम किया और शाम को ऑफिसर्स मेस बार गई थी और अपने कोर्स के साथ साथी के साथ दो ड्रिंक पी थी. महिला अधिकारी ने कहा कि वह एक पुरुष अधिकारी और एक अन्य महिला अधिकारी के साथ थी, जो दोनों उसके साथी थे. उन्होंने कहा कि उसे बीच में उल्टी हुई और उसके साथी उसे कमरे में ले गए (पुरुष सहपाठी और महिला सहपाठी) और उन्होंने कमरे को बाहर से बंद कर दिया और चले गए थे. बाद में प्राथमिकी में उसके बयान के अनुसार, आरोपी कमरे में आया और उसे जगाने की कोशिश की और उसे चूमा और उसने विरोध करने की कोशिश की और उसे धक्का दे दिया.

उन्होंने कहा कि उसे एक महिला मित्र की याद आई, जिसने उससे पूछ रही थी कि क्या आरोपी उसकी सहमति से कमरे में आया था. अगली सुबह, प्राथमिकी के अनुसार, उसका सामना उस आरोपी से हुआ, जिसने उसकी निजता में खलल डालने के लिए खेद व्यक्त किया था, लेकिन उसकी महिला सहयोगी ने उसके बिस्तर में वीर्य की ओर इशारा किया. महिला अधिकारी ने 11 सितंबर को वायु सेना स्टाफ कॉलेज में दो फैकल्टी सदस्यों से मुलाकात की थी. प्राथमिकी के अनुसार फैकल्टी सदस्यों ने उन्हें दो विकल्प दिए या तो शिकायत दर्ज करें या एक लिखित बयान दें कि सब कुछ सहमति से था. प्राथमिकी में उन्होंने कहा कि वायु सेना अस्पताल के डॉक्टरों ने उसके बाद टू फिंगर टेस्ट किया, जो कि अवैध और अनैतिक था और उनके यौन इतिहास पर सवाल उठाया.

महिला अधिकारी ने प्राथमिकी में आरोप लगाया कि प्रशासन के प्रभारी सहित वरिष्ठ अधिकारी उस पर शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बना रहे थे. बाद में उन्होंने 20 सितंबर को कोयंबटूर के ऑल वुमन पुलिस स्टेशन में हिम्मत जुटाकर शिकायत दर्ज कराई और आरोपी अमितेश को गिरफ्तार कर लिया गया था. वायु सेना ने दलील दी कि जब उसे कोयंबटूर की महिला अदालत में पेश किया गया, तो आरोपी को उन्हें सौंप दिया जाना चाहिए, लेकिन पीड़िता और पुलिस ने इस पर आपत्ति जताते हुए उसकी न्यायिक हिरासत 30 सितंबर तक बढ़ा दी है. प्राथमिकी के अनुसार, महिला ने कहा कि उसे नहीं पता था कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 2013 में टू फिंगर टेस्ट पर प्रतिबंध लगा दिया गया था.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 30, 2021 03:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).