Diwali 2021: जवानों के साथ दिवाली मनाने नौशेरा पहुंचे पीएम मोदी, बोले- सर्जिकल स्ट्राइक पर मैं फोन पर आखिरी सैनिक के लौटने का कर रहा था इंतजार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि नियंत्रण रेखा के पार (एलओसी) साल 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक भारतीय सेना की महान व्यावसायिकता और क्षमता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आखिरी सैनिक की सुरक्षित रूप से घर वापसी सुनिश्चत करने के लिए वह लगातार फोन पर थे.
जम्मू: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने गुरुवार को कहा कि नियंत्रण रेखा के पार (एलओसी) साल 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक (Surgical St भारतीय सेना की महान व्यावसायिकता और क्षमता का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि आखिरी सैनिक की सुरक्षित रूप से घर वापसी सुनिश्चत करने के लिए वह लगातार फोन पर थे. प्रधानमंत्री गुरुवार को जवानों के साथ दिवाली (Diwali) मनाने राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर पहुंचे थे. उन्होंने जम्मू-कश्मीर में देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि के रूप में युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की.
सैनिकों को संबोधित करते हुए, मोदी ने कहा कि एलओसी के पार आतंकवादी शिविरों पर 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक भारतीय सेना की महान व्यावसायिकता और क्षमता को दशार्ती है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, सर्जिकल स्ट्राइक के समय मैं लगातार फोन पर था। मैं यह सुनिश्चित करना चाहता था कि प्रत्येक सैनिक, जो स्ट्राइक का हिस्सा था, वो सुरक्षित लौट आए. यह भी पढ़े: Surgical Strike: पाकिस्तान के पूर्व राजनयिक ने कबूला, सर्जिकल स्ट्राइक में मारे गए थे 300 आतंकवादी
उन्होंने कहा, सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देने वाले सभी सैनिकों ने अपनी यूनिट में सुरक्षित लौटकर मुझे गौरवान्वित महसूस कराया. मोदी ने कहा, सर्जिकल स्ट्राइक के बाद जम्मू-कश्मीर में शांति भंग करने के लिए कई प्रयास किए गए, लेकिन हमारे सैनिकों ने अपना मनोबल ऊंचा रखा और ऐसे सभी कदमों को मुंहतोड़ जवाब देकर हरा दिया.
उन्होंने कहा कि आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में जहां पूरा देश आजादी का अमृत महोत्सव मनाता है, वहीं सरकार के सामने नए लक्ष्य और नई चुनौतियां हैं. प्रधानमंत्री ने कहा, एक समय था जब हमारी सेना पूरी तरह से विदेशी हथियारों पर निर्भर थी.
हमारे सैनिक विदेशों से रक्षा उपकरणों के पुजरें का इंतजार करते थे. इस तरह की खेप प्राप्त करने में वर्षों लग जाते थे। सेना के अधिकारी जो खरीद सौदे पर हस्ताक्षर करेंगे, उन्हें इसे प्राप्त करने के लिए अपनी सेवानिवृत्ति तक इंतजार करना होगा.
आज देश का 65 प्रतिशत रक्षा बजट देश के भीतर उपकरणों के निर्माण के लिए खर्च किया जा रहा है. आज, हम देश के भीतर अर्जुन टैंक और तेजस विमान का निर्माण करते हैं. स्पेयर पार्ट्स और अन्य उपकरणों सहित 200 से अधिक आइटम भारत में ही बनाए जा रहे हैं. इस तरह, हमने विदेशी हथियारों पर अपनी निर्भरता कम कर दी है.
उन्होंने कहा कि अब से महिलाओं को सभी रक्षा स्कूलों, कॉलेजों और अकादमियों में प्रवेश मिलेगा. हमारी सेना अन्य देशों की सेनाओं से अलग है. यह आपकी सदियों पुरानी प्रथा, परंपरा, महान व्यावसायिकता और अपनी मातृभूमि के प्रति प्रतिबद्धता के कारण है.
आप अपनी मातृभूमि की पूजा करते हैं और यह किसी अन्य देश में नहीं देखा जाता है। यही आपको औरों से अलग बनाती है. प्रधान मंत्री ने कहा, मैं दिवाली के विशेष अवसर पर आपके साथ रहने का सौभाग्य महसूस कर रहा हूं.
उन्होंने कहा कि वह देश के सैनिकों की महान वीरता, साहस, अनुशासन, व्यावसायिकता और प्रतिबद्धता को श्रद्धांजलि देने के लिए दीवाली का दीपक जलाएंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 04, 2021 04:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

