Hindi-Marathi Row: नवी मुंबई नगर निगम में मुस्लिम महिला को कर्मचारी ने मराठी में बोलने के लिए बनाया दबाव, शख्स ने मजकर लताड़ा, देखें VIDEO
महाराष्ट्र में भाषाई भेदभाव को लेकर विवाद थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है. अब सरकारी कार्यालयों में भी मराठी बोलने को लेकर दबाव बनाया जा रहा है. ऐसा ही कुछ एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वायरल हुआ है
Marathi Language Row: महाराष्ट्र में भाषाई भेदभाव को लेकर विवाद थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है. अब सरकारी कार्यालयों में भी मराठी बोलने को लेकर दबाव बनाया जा रहा है. ऐसा ही कुछ एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वायरल हुआ है, जिसमें नवी मुंबई नगर निगम (NMMC) के कार्यालय में एक मुस्लिम महिला को कथित रूप से एक कर्मचारी द्वारा केवल मराठी में बोलने के लिए कहा गया.
वीडियो में क्या हुआ?
वीडियो में दिखाया गया है कि नवी मुंबई नगर निगम (NMMC) के कार्यालय में एक मुस्लिम महिला अपने जन्म प्रमाण पत्र के लिए आई थी. बातचीत के दौरान, जब वह हिंदी में बात करने लगी, तो कर्मचारी ने उसे मराठी में बात करने के लिए मजबूर किया. इस पर वहां मौजूद एक मुस्लिम व्यक्ति ने उस कर्मचारी के व्यवहार का विरोध किया और उसे जमकर लताड़ा. यह भी पढ़े: Hindi-Marathi Row: राज ठाकरे के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, हिंदी भाषियों के खिलाफ हिंसा भड़काने का आरोप; PIL में FIR दर्ज करने की मांग
NMMC में मुस्लिम महिला को मराठी में बोलने का दबाव
Linguistic fanaticism is on the rise — now in Navi Mumbai Municipal Corporation, where a muslim woman was allegedly told to speak only in Marathi but a fellow muslim man showed the Marathi official mirror.
Will Raj Thackeray & team demand the same from them, or does this rule… pic.twitter.com/8gswFtDs5a
— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) August 2, 2025
मुस्लिम व्यक्ति का सवाल
इस शख्स ने कहा, "क्या राज ठाकरे और उनकी टीम इसी तरह की मांग हिंदुओं से भी करेगी या यह नियम सिर्फ हिंदुओं के लिए लागू होता है?" इस बयान के बाद इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और लोग अपनी प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं.
NMMC की प्रतिक्रिया आनी बाकी
फिलहाल, NMMC की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. हालांकि इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं की जा सकी है कि यह वीडियो नवी मुंबई नगर निगम (NMMC) का है या नहीं. बावजूद इसके, वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही हैं. कुछ लोग नागरिक कार्यालयों में क्षेत्रीय भाषा की पहचान को बनाए रखने की आवश्यकता का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ इसे भेदभावपूर्ण और संविधान विरोधी मानते हुए इसका विरोध कर रहे हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 03, 2025 04:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

