Hijab Controversy: हिजाब विवाद और इस पर आए फैसले से और अधिक धार्मिक ध्रुवीकरण होगा: सर्वे
हिजाब विवाद से देश में फूट और गहराने और धार्मिक ध्रुवीकरण की ओर बढ़ने का खतरा है. आईएएनएस-सीवोटर स्नैप पोल में सामने आए निष्कर्षो से यह जानकारी मिली है. सर्वेक्षण के दौरान 1,508 लोगों से बातचीत की गई.
नई दिल्ली, 16 मार्च : हिजाब विवाद से देश में फूट और गहराने और धार्मिक ध्रुवीकरण की ओर बढ़ने का खतरा है. आईएएनएस-सीवोटर स्नैप पोल में सामने आए निष्कर्षो से यह जानकारी मिली है. सर्वेक्षण के दौरान 1,508 लोगों से बातचीत की गई. कर्नाटक उच्च न्यायालय द्वारा हिजाब विवाद को लेकर एक फैसला सुनाए जाने के बाद आईएएनएस-सीवोटर सर्वेक्षण के दौरान यह खुलासा हुआ है. हाईकोर्ट ने कहा है कि अगर प्रशासन या अधिकारी यूनिफॉर्म जैसे नियम को लागू करते हैं तो यह सही है और मुस्लिम लड़कियों को स्कूलों और कॉलेजों के अंदर हिजाब पहनने की मंजूरी अदालत ने नहीं दी है.
हालांकि फैसले के लिए समग्र रूप से अलग-अलग लोगों की अपनी अलग राय है और सर्वेक्षण के दौरान पक्षपातपूर्ण तर्ज पर कुछ विभाजन स्पष्ट रूप से दिखाई दिया है. यह पूछे जाने पर कि क्या हिजाब विवाद एक गढ़े गए मुद्दे से अधिक है, एनडीए के 56.3 प्रतिशत मतदाताओं ने सहमति व्यक्त की, जबकि 60.2 प्रतिशत विपक्षी मतदाताओं ने भी सहमति व्यक्त की. यह बाह्य रूप से एक द्विदलीय समर्थन की तरह दिखता है, इस विवाद के 'निर्माण' के लिए कौन जिम्मेदार है, इस पर विपक्षी मतदाताओं का एक बिल्कुल अलग ²ष्टिकोण है. यह भी पढ़ें : Disha Salian Case: केंद्रीय मंत्री नारायण राणे और उनके बेटे नितेश को कोर्ट से बड़ी राहत, गिरफ्तारी से पहले मिली जमानत
एक और सवाल पर कि क्या विवाद से धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण होगा, करीब 54 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण बढ़ेगा. एनडीए के 51 प्रतिशत समर्थक इस बात से सहमत थे, जबकि 56 प्रतिशत विपक्षी मतदाताओं ने और अधिक ध्रुवीकरण पर आशंका व्यक्त की. इस सवाल के जवाब के दौरान कुछ उम्मीद की किरण दिखाई दे रही थी: क्या आपको लगता है कि समान नागरिक संहिता इस तरह के मुद्दों को हल करेगी? कुल मिलाकर, 70 प्रतिशत से अधिक उत्तरदाताओं ने इस बात से सहमति व्यक्त की, जबकि एनडीए के 77 प्रतिशत मतदाता और 65.5 प्रतिशत विपक्षी मतदाता इससे सहमत थे.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 16, 2022 03:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

