Haryana: सीएम मनोहर लाल का बड़ा बयान, कहा- कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज नहीं लगवाने वाले लोगों पर 1 जनवरी से की जाएगी सख्ती
नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बुलाई गई प्री-बजट बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि उनकी सरकार राज्य में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्च र को लगातार बढ़ा रही है. सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोला जाए.
नई दिल्ली: हरियाणा (Haryana) के मुख्यमंत्री मनोहर लाल (Manohar Lal) ने कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) की दोनों डोज नहीं लगवाने वाले लोगों पर प्रदेश में 1 जनवरी से सख्ती करने की घोषणा की है. कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron) को लेकर प्रदेश सरकार (State Government) की पूरी तैयारी होने का दावा करते हुए उन्होने यह भी कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर दोनों डोज लगवाने वालों को ही प्रवेश दिया जाएगा. Haryana: कल शाम 6 बजे से बंद हो जाएंगे बाजार? जानें क्या है वायरल मैसेज का सच
नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बुलाई गई प्री-बजट बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि उनकी सरकार राज्य में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्च र को लगातार बढ़ा रही है. सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोला जाए. अभी तक 19 जिलों में या तो मेडिकल कॉलेज खोले जा चुके हैं, या वहां खोले जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और बचे हुए 3 जिलों में भी जल्द ही मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे.
मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि कोरोना के बावजूद हरियाणा सरकार ने अपना वित्तीय प्रबंधन अच्छे से बनाए रखा है और आर्थिक प्रबंधन की ²ष्टि से सरकार ने आर्थिक स्थिति को ऊपर उठाने के लिए अलग से रणनीति बनाई है.
बैठक के बारे में बताते हुए उन्होने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री ने सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों को प्री-बजट की बैठक में सुझावों के लिए बुलाया था. बैठक में हरियाणा सरकार ने नाबार्ड की तर्ज पर एनसीआर प्लॉनिंग बोर्ड के तहत भी 2.7 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण देने की मांग की, ताकि एनसीआर के क्षेत्र में तेज गति से विकास हो सके. इसके साथ ही हरियाणा सरकार ने जीएसटी के लिए नए मॉडल बनाए जाने की मांग करते हुए इसमें खपत के साथ-साथ उत्पादन शेयर को शामिल करने की मांग की.
मुख्यमंत्री ने हिसार में स्थित राखीगढ़ी के लिए अलग से बजट का प्रावधान करने, अंत्योदय परिवार उत्थान योजना में ब्याज माफी, एफपीओ के लिए ऋण की सीमा को 2 करोड़ रुपये से बढ़ाने और निर्यात के लिए सब्सिडी का भी निर्धारण करने की मांग की. राज्यों को 50 वर्ष के लिए बिना ब्याज के दिए जाने वाले कैपिटल एक्सपैंस की राशि को भी बढ़ाए जाने की मांग की गई है. हरियाणा सरकार ने 5 हजार करोड़ रुपये दिए जाने की मांग रखी है.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 30, 2021 07:51 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

