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Gujarat: गुजरात के कच्छ में पाकिस्तानी जोड़ा गिरफ्तार, अवैध रूप से रेगिस्तान के रास्ते भारत में पैदल घुसे

अपने परिवारों के विरोध से बचने की कोशिश में पाकिस्तान का एक जोड़ा भारत में शरण लेने की उम्मीद से सीमा पार कर आया, लेकिन 8 अक्टूबर को कच्छ बॉर्डर के पास स्थानीय लोगों की सूचना के बाद उन्हें पकड़ लिया गया. दोनों ने दावा किया कि वे नाबालिग हैं और अपने रिश्ते को लेकर पारिवारिक आपत्ति के चलते भागे थे...

Gujarat: गुजरात के कच्छ में पाकिस्तानी जोड़ा गिरफ्तार, अवैध रूप से रेगिस्तान के रास्ते भारत में पैदल घुसे
Photo- Pixabay

कच्छ, 20 नवंबर: अपने परिवारों के विरोध से बचने की कोशिश में पाकिस्तान का एक जोड़ा भारत में शरण लेने की उम्मीद से सीमा पार कर आया, लेकिन 8 अक्टूबर को कच्छ बॉर्डर के पास स्थानीय लोगों की सूचना के बाद उन्हें पकड़ लिया गया. दोनों ने दावा किया कि वे नाबालिग हैं और अपने रिश्ते को लेकर पारिवारिक आपत्ति के चलते भागे थे. रतनपार गांव तक पहुंचने से पहले वे तीन दिनों तक कठिन रेगिस्तानी इलाकों में पैदल चलते रहे. गांव वालों ने उनकी पहचान से अनजान, उन्हें खाना-पानी देकर मदद की. लेकिन जल्द ही उनकी शरण की कोशिश कानूनी परेशानी में बदल गई, क्योंकि सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया. यह भी पढ़ें: Sheikh Hasina Verdict: शेख हसीना के बेटे साजीब वाजेद ने कहा-यूनुस मेरी मां को छू भी नहीं सकते, पीएम मोदी का किया धन्यवाद

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के थारपारकर जिले के रहने वाले टोटो उर्फ़ तारा चूड़ी और मीना उर्फ़ पूजा चूड़ी ने अधिकारियों को बताया कि वे क्रमशः 15 और 16 वर्ष के हैं और परिवारों के विरोध के कारण घर छोड़कर आए. उनके पास उम्र साबित करने वाले कोई दस्तावेज़ नहीं थे. भुज के सरकारी अस्पताल में लगभग एक महीने तक चले मेडिकल परीक्षण में उनके दावों की जांच की गई, जिसमें पुष्टि हुई कि टोटो की उम्र 21 वर्ष और मीना की आयु 18 से 20 वर्ष के बीच है. असली उम्र सामने आने के बाद खादिर पुलिस ने उन्हें इमिग्रेशन एक्ट, फॉरेनर्स एक्ट और पासपोर्ट एक्ट के तहत औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया.

जांच में उनके पास कोई अवैध वस्तु तो नहीं मिली, लेकिन पहचान की कमी और अंतरराष्ट्रीय सीमा को पैदल पार करने का उनका फैसला गंभीर सुरक्षा चिंताओं का कारण बना. कच्छ (ईस्ट) के पुलिस अधीक्षक सागर बागमार ने TOI को बताया कि उनकी सहमति से विस्तृत जानकारी के लिए पॉलीग्राफ और ब्रेन-मैपिंग टेस्ट कराए जाएंगे. सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि दोनों अपने दावे पर अड़े रहे कि वे सिर्फ साथ रहने के लिए भारत आए थे, यह मानकर कि यहां वे परिवारों की पहुँच से सुरक्षित रह पाएंगे.

रतनपार के सरपंच द्वारा पुलिस को सूचना देने के बाद मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया. सीमा के बेहद संवेदनशील क्षेत्र में होने के कारण तुरंत कार्रवाई की गई. आगे की जाँच में सामने आया कि यह जोड़ा 4 अक्टूबर की आधी रात के बाद अपने गाँव से निकला था और रेत के टीलों, चट्टानी इलाकों और बन्नी घासभूमि से गुजरते हुए भंजना भैंसाला बॉर्डर आउटपोस्ट के पास पिलर नंबर 1027 के समीप भारत में दाख़िल हुआ.

TOI के अनुसार, वे लगभग तीन दिन तक बिना भोजन-पानी के चलते हुए रतनपार के एक मंदिर तक पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने उनकी मदद की. बाद में अधिकारियों से उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने जानबूझकर सीमा पार की थी, यह सोचकर कि भारत उनके लिए एक सुरक्षित आश्रय बनेगा. लेकिन यही कदम उनके लिए गिरफ्तारी और विस्तृत जांच का कारण बन गया.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 20, 2025 02:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).