Gujarat Missing Case: 'ऑपरेशन मिलाप' के तहत गुजरात पुलिस को बड़ी सफलता, दो हफ्तों में 701 लापता लोगों को खोजा
अभियान के तहत सुलझाए गए मामलों में एक मामला वडोदरा जिले के पादरा तालुका की 23 वर्षीय महिला का भी था, जो 2016 में अपने पांच साल के बेटे के साथ लापता हो गई थी. महिला के पति ने पहले पुलिस को बताया था कि वह मायके गई थी और वापस नहीं लौटी. जब मामला दोबारा खोला गया तो जांच में पता चला कि महिला राजकोट में अपने दूसरे पति के साथ रह रही थी.
Gujarat Missing Case: गुजरात पुलिस ने 'ऑपरेशन मिलाप' के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए पिछले दो हफ्तों में 701 लापता लोगों को खोज निकाला है. यह राज्यव्यापी अभियान 2007 से दर्ज गुमशुदगी के मामलों की जांच कर लापता लोगों को उनके परिवारों से मिलाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है. यह अभियान 7 मई से 21 मई के बीच चलाया गया. गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने कहा कि यह सफलता मजबूत पुलिसिंग और बेहतर समन्वय का परिणाम है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात पुलिस ने लापता लोगों को खोजने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है और इसके लिए सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं. अभियान के तहत 701 लोगों को खोजकर उनके परिवारों से मिलाया गया. Gujarat: समुद्र में नहाते समय तीन लोग डूबे, एक लापता
यह अभियान गुजरात के डीजीपी केएलएन राव के निर्देश पर शुरू किया गया. सभी पुलिस कमिश्नरों और एसपी को पुराने मामलों की फाइल दोबारा खोलने, सबूतों की समीक्षा करने और तकनीकी व फील्ड जांच तेज करने के निर्देश दिए गए हैं. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 2007 से अब तक गुजरात में 24,767 से ज्यादा गुमशुदगी के मामले दर्ज किए गए हैं. 'ऑपरेशन मिलाप' के तहत पुलिस पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है, डिजिटल और फॉरेंसिक सबूतों की समीक्षा कर रही है और परिवारों से दोबारा संपर्क कर रही है.
सीआईडी क्राइम और रेलवे (महिला सेल) के एडीजीपी अजय चौधरी ने कहा कि यह अभियान डेटा, तकनीकी खुफिया जानकारी और मानव खुफिया नेटवर्क के आधार पर योजनाबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है. पुलिस के अनुसार, जिन 701 लोगों को खोजा गया उनमें 19 नाबालिग लड़के, 97 नाबालिग लड़कियां, 417 महिलाएं और 168 पुरुष शामिल हैं. जांच के दौरान कुछ मामलों में मानव तस्करी और बाल तस्करी जैसे बड़े अपराधों के लिंक भी सामने आए हैं, जिनकी अलग से जांच की जा रही है.
अभियान के तहत सुलझाए गए मामलों में एक मामला वडोदरा जिले के पादरा तालुका की 23 वर्षीय महिला का भी था, जो 2016 में अपने पांच साल के बेटे के साथ लापता हो गई थी. महिला के पति ने पहले पुलिस को बताया था कि वह मायके गई थी और वापस नहीं लौटी. जब मामला दोबारा खोला गया तो जांच में पता चला कि महिला राजकोट में अपने दूसरे पति के साथ रह रही थी और गरबा क्लास चला रही थी. उसका बेटा, जो बचपन से लापता था, अब 15 साल का हो चुका है.
गुजरात पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया कि महिला घरेलू विवादों के कारण अपना पहला घर छोड़कर चली गई थी और बाद में 2016 में दूसरी शादी कर ली. गुजरात पुलिस ने सभी थानों को 15 बिंदुओं वाला स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) भी जारी किया है. इसमें केस फाइल दोबारा खोलना, शिकायतकर्ताओं से फिर पूछताछ करना, सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच करना और अस्पतालों के रिकॉर्ड खंगालना शामिल है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आने वाले हफ्तों में भी जारी रहेगा ताकि लंबे समय से लंबित गुमशुदगी के मामलों का समाधान किया जा सके.
(The above story first appeared on LatestLY on May 21, 2026 10:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

