Ganga Dussehra 2026 Messages: हैप्पी गंगा दशहरा! इन खास हिंदी Quotes, WhatsApp Wishes, GIF Greetings के जरिए प्रियजनों को दें बधाई
सनातन धर्म में बेहद पवित्र माने जाने वाले गंगा दशहरा का पर्व इस साल 25 मई 2026 को मनाया जा रहा है. इस विशेष दिन पर पवित्र नदी में स्नान करने से मनुष्य के 10 बड़े पाप नष्ट हो जाते हैं. इस अवसर पर आप इन हिंदी मैसेजेस, कोट्स, वॉट्सऐप विशेज, ग्रीटिंग्स के जरिए प्रियजनों से हैप्पी गंगा दशहरा कह सकते हैं.
Ganga Dussehra 2026 Messages In Hindi: हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रतिवर्ष ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को 'गंगा दशहरा' (Ganga Dussehra) का पावन पर्व मनाया जाता है. इस साल यह त्योहार आगामी 25 मई 2026, सोमवार को देश भर में श्रद्धा और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया जाएगा. सनातन धर्म में मां गंगा (Maa Ganga) को पतितपावनी और मोक्षदायिनी का दर्जा प्राप्त है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस विशिष्ट तिथि पर हस्त नक्षत्र के शुभ संयोग में मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था, जिसके कारण इस दिन गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाने का विशेष महत्व है.
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, गंगा दशहरा के दिन गंगा नदी में स्नान करने से मनुष्य द्वारा जाने-अनजाने में किए गए 10 प्रकार के कायिक, वाचिक और मानसिक पाप पूरी तरह से नष्ट हो जाते हैं. इन पापों में मुख्य रूप से शामिल हैं:
- वाणी के दोष: कठोर वाणी बोलना, झूठ बोलना, चुगली करना और व्यर्थ की बातों में दुराग्रह करना.
- कर्म के दोष: बिना दी हुई वस्तु को लेना, निषिद्ध हिंसा करना और परस्त्री गमन.
- मन के दोष: दूसरों के धन को लेने का विचार करना, दूसरों का बुरा सोचना और दूसरों का अहित करने की योजना बनाना.
इन्हीं पौराणिक कारणों से गंगा दशहरा को आत्मशुद्धि और नैतिक संकल्प का एक बड़ा पर्व माना जाता है.





मां गंगा के साथ भगवान शिव की पूजा का विधान
चूंकि पौराणिक आख्यानों के अनुसार, स्वर्ग से उतरते समय मां गंगा के तीव्र वेग को संभालने के लिए देवों के देव महादेव ने उन्हें अपनी जटाओं में स्थान दिया था, इसलिए इस दिन भगवान शिव की आराधना करना अनिवार्य माना गया है.
गंगा दशहरा के दिन सुबह उठकर गंगा नदी या घर के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान किया जाता है. इसके पश्चात मां गंगा और भगवान शिव का विधि-विधान से पूजन होता है. इस दिन शिव जी का गंगाजल से अभिषेक करने और मां गंगा की महाआरती करने से भक्तों को सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है.
राजा भागीरथ का 'भगीरथ प्रयास' और दान का महत्व
मां गंगा को स्वर्ग से पृथ्वी पर लाने का पूरा श्रेय सूर्यवंश के प्रतापी राजा भागीरथ को जाता है, जिन्होंने अपने पूर्वजों के उद्धार और जगत कल्याण के उद्देश्य से वर्षों तक कठोर तपस्या की थी. इसी कारण गंगा नदी को 'भागीरथी' के नाम से भी जाना जाता है.
इस दिन स्नान-पूजन के साथ-साथ दान-पुण्य करने से अक्षय फलों की प्राप्ति होती है. गर्मी के मौसम को देखते हुए इस दिन जरूरतमंदों को जल, मटका, सत्तू, पंखा, खरबूजा और वस्त्र दान करना अत्यंत फलदायी और शुभ माना गया है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 25, 2026 06:30 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

