Ashadha Gupt Navratri 2026 Wishes: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की शुभकामनाएं, अपनों संग शेयर करें ये भक्तिमय हिंदी Quotes, WhatsApp Messages और Facebook Greetings
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि के इस दिव्य और आध्यात्मिक अवसर पर लोग एक-दूसरे को बधाई संदेश भेजते हैं. यदि आप भी इस पावन पर्व पर अपने परिजनों, मित्रों और शुभचिंतकों को शुभकामनाएं देना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए इन विशेष भक्तिमय हिंदी वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स और फेसबुक ग्रीटिंग्स का उपयोग कर सकते हैं.
Ashadha Gupt Navratri 2026 Wishes in Hindi: शक्ति और साधना का नौ दिवसीय महापर्व आषाढ़ गुप्त नवरात्रि (Ashadha Gupt Navratri) इस साल 15 जुलाई 2026 (बुधवार) से शुरू होने जा रहा है, जिसका समापन 23 जुलाई 2026 को होगा. सनातन परंपरा में साल भर में चार बार नवरात्रि का आयोजन होता है, जिनमें चैत्र और शारदीय नवरात्रि को सामाजिक रूप से व्यापक स्तर पर मनाया जाता है, जबकि माघ और आषाढ़ मास की नवरात्रि को 'गुप्त नवरात्रि' के रूप में जाना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुप्त नवरात्रि आम लोगों के बीच चैत्र या शारदीय नवरात्रि की तरह उत्सव के रूप में उतनी प्रचलित नहीं है, क्योंकि इसका मुख्य उद्देश्य गुप्त साधना और सिद्धियों की प्राप्ति से जुड़ा है. इस दौरान सात्विक पूजा के साथ-साथ विशेष रूप से तंत्र-मंत्र और गूढ़ आध्यात्मिक सिद्धियों की कामना रखने वाले साधक कठिन अनुष्ठान करते हैं.
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि के इस दिव्य और आध्यात्मिक अवसर पर लोग एक-दूसरे को बधाई संदेश भेजते हैं. यदि आप भी इस पावन पर्व पर अपने परिजनों, मित्रों और शुभचिंतकों को शुभकामनाएं देना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए इन विशेष भक्तिमय हिंदी वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स और फेसबुक ग्रीटिंग्स का उपयोग कर सकते हैं.





इस नौ दिवसीय अनुष्ठान के दौरान अघोरी और तांत्रिक गुप्त रूप से मां दुर्गा की दस महाशक्तियों, जिन्हें 'दस महाविद्या' कहा जाता है, की विशेष आराधना करते हैं. इन दस महाविद्याओं में निम्नलिखित देवियां शामिल हैं: मां काली, मां तारा, मां छिन्नमस्ता, मां षोडशी, मां भुवनेश्वरी, मां त्रिपुर भैरवी (त्रिपुर सुंदरी), मां धूमावती, मां बगलामुखी, मां मातंगी और मां कमला.
यद्यपि यह पर्व तांत्रिक क्रियाओं के लिए विशेष माना जाता है, लेकिन सामान्य गृहस्थ और श्रद्धालु भी इस दौरान मां दुर्गा की कृपा प्राप्त कर सकते हैं. सामान्य जन इन नौ दिनों में सुबह-शाम नियमपूर्वक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से धूप-दीप जलाकर पूजा-अर्चना, दुर्गा चालीसा या सप्तशती का पाठ कर सकते हैं. ज्योतिषविदों के अनुसार, गुप्त नवरात्रि में श्रद्धापूर्वक की गई मानसिक पूजा और मंत्रों का जाप भी जीवन के सभी कष्टों को दूर करने और मनोकामनाएं पूरी करने में सहायक होता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 15, 2026 06:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

