GOOD NEWS: कैंसर और जान बचाने वाली दवाएं हुईं सस्ती, सरकार ने खत्म किया GST
सरकार ने कैंसर और 33 अन्य जीवनरक्षक दवाओं पर GST को शून्य कर दिया है. (Photo Credits: X)

सरकार ने आम आदमी और मरीजों को एक बड़ी राहत दी है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई GST काउंसिल की 56वीं बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए, जिनका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा. सबसे अहम फैसला स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर हुआ है, जहां कैंसर, दुर्लभ बीमारियों और अन्य गंभीर बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली 33 जीवनरक्षक दवाओं पर GST को 12% से घटाकर शून्य (0%) कर दिया गया है.

यह नए नियम 22 सितंबर 2025 से लागू होंगे.

मरीजों को कितना और कैसे फायदा होगा?

इसे समझना बहुत आसान है. मान लीजिए, कैंसर की कोई दवा है जिसकी कीमत टैक्स के बिना ₹1,00,000 है. अब तक इस पर 12% GST लगता था, जिससे आपको यह दवा ₹1,12,000 की पड़ती थी.

अब GST शून्य होने के बाद, आपको इस दवा के लिए सिर्फ ₹1,00,000 ही देने होंगे. यानी आपको सीधे-सीधे ₹12,000 की बचत होगी. जिन मरीजों का इलाज लंबा चलता है, जैसे कीमोथेरेपी, उनके लिए यह एक बहुत बड़ी राहत है.

किन दवाओं पर GST पूरी तरह खत्म हुआ?

GST काउंसिल ने कुल 33 दवाओं पर टैक्स खत्म किया है. ये दवाएं आमतौर पर बहुत महंगी होती हैं और गंभीर बीमारियों के इलाज में काम आती हैं. यहाँ उन दवाओं की सूची दी गई है (ये तकनीकी नाम हैं):

  • Agalsidase Beta
  • Imiglucerase
  • Eptacog alfa (activated recombinant coagulation factor VIIa)
  • Onasemnogene abeparvovec; Asciminib; Mepolizumab; Pegylated Liposomal Irinotecan; Daratumumab (including subcutaneous); Teclistamab; Amivantamab; Alectinib; Risdiplam; Obinutuzumab; Polatuzumab vedotin; Entrectinib; Atezolizumab; Spesolimab; Velaglucerase Alpha; Agalsidase Alfa; Rurioctocog Alpha Pegol; Idursulphatase; Alglucosidase Alfa; Laronidase; Olipudase Alfa; Tepotinib; Avelumab; Emicizumab; Belumosudil; Miglustat; Velmanase Alfa; Alirocumab; Evolocumab; Cystamine Bitartrate; CI-Inhibitor injection; Inclisiran.

इसके अलावा, कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की 3 अन्य दवाओं पर GST 5% से घटाकर शून्य कर दिया गया है.

बाकी दवाओं और मेडिकल सामान का क्या?

यह राहत सिर्फ इन 33 दवाओं तक सीमित नहीं है. सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है:

  • बाकी सभी दवाओं पर GST 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है. इसका मतलब है कि अब आपके घर में इस्तेमाल होने वाली सामान्य दवाएं, जैसे सर्दी-खांसी, डायबिटीज या ब्लड प्रेशर की गोलियां भी सस्ती हो जाएंगी.
  • कई मेडिकल डिवाइस और डायग्नोस्टिक किट (जैसे टेस्टिंग किट) पर भी टैक्स घटाकर 5% कर दिया गया है.

कुछ जरूरी बातें जो आपको जाननी चाहिए

हालांकि यह घोषणा बहुत अच्छी है, लेकिन कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है:

  1. MRP पर नजर रखें: कई दवाओं की कीमत (MRP) में टैक्स पहले से जुड़ा होता है. अब कंपनियों और दुकानदारों को नई कीमतें छापनी होंगी. हो सकता है कि बाजार में नई कीमतों वाली दवाएं आने में थोड़ा समय लगे.
  2. क्या कंपनियां पूरा फायदा देंगी?: यह देखना होगा कि दवा बनाने वाली कंपनियां इस टैक्स कटौती का पूरा फायदा ग्राहकों तक पहुंचाती हैं या नहीं.
  3. इंश्योरेंस वालों को भी फायदा: जिन लोगों के पास हेल्थ इंश्योरेंस है, उन्हें भी फायदा होगा. बिल कम होने से उन्हें अपनी जेब से कम पैसा देना पड़ेगा (को-पेमेंट) और इंश्योरेंस कंपनियों के क्लेम का बोझ भी घटेगा.
  4. कीमत कम, उपलब्धता नहीं: टैक्स कम होने से दवा की कीमत घटती है, लेकिन उसकी उपलब्धता (supply) नहीं बढ़ती. यह पक्का करना होगा कि दवाएं बाजार में आसानी से मिलती रहें.

कुल मिलाकर, सरकार का यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं पर होने वाले खर्च के बोझ को कम करने की दिशा में एक बहुत महत्वपूर्ण पहल है. इससे न केवल गंभीर बीमारियों से जूझ रहे परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि आधुनिक और महंगे इलाज तक आम लोगों की पहुंच भी बढ़ेगी. अब यह दवा कंपनियों, अस्पतालों और दवा की दुकानों पर निर्भर करेगा कि वे इस राहत का फायदा कितनी जल्दी और पूरी ईमानदारी से आम जनता तक पहुंचाते हैं.