देश

GST Council Meeting: GST काउंसिल ने एक हजार रुपए से कम के एक्सपोर्ट रिफंड क्लेम के प्रोसेस में तेजी लाने को दी मंजूरी

छोटे निर्यातकों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से, जीएसटी परिषद ने 1,000 रुपए से कम के एक्सपोर्ट रिफंड दावों को तेजी से प्रोसेस करने को मंजूरी दे दी है. इस फैसले से वर्तमान में करीब 1.5 लाख बकाया शिपिंग बिल क्लियर होने की उम्मीद है. काउंसिल ने कहा, "इस फैसले से उन छोटे एक्सपोर्ट्स के लिए निर्यात आसान हो जाएगा, जो कि कोरियर और पोस्टल माध्यम से निर्यात करते हैं.

GST Council Meeting: GST काउंसिल ने एक हजार रुपए से कम के एक्सपोर्ट रिफंड क्लेम के प्रोसेस में तेजी लाने को दी मंजूरी
GST Rate Cut

नई दिल्ली, 4 सितंबर : छोटे निर्यातकों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से, जीएसटी परिषद ने 1,000 रुपए से कम के एक्सपोर्ट रिफंड दावों को तेजी से प्रोसेस करने को मंजूरी दे दी है. इस फैसले से वर्तमान में करीब 1.5 लाख बकाया शिपिंग बिल क्लियर होने की उम्मीद है. काउंसिल ने कहा, "इस फैसले से उन छोटे एक्सपोर्ट्स के लिए निर्यात आसान हो जाएगा, जो कि कोरियर और पोस्टल माध्यम से निर्यात करते हैं. जीएसटी काउंसिल ने विशेष आर्थिक क्षेत्र डेवलपर या अधिकृत परिचालनों के लिए इकाई को माल या सेवाओं, या दोनों की शून्य-रेटेड आपूर्ति के कारण रिफंड दावों की सुविधा के लिए जोखिम-आधारित अनंतिम रिफंड को भी मंजूरी दी. साथ ही कहा कि कपड़ा, फार्मा, रसायन और उर्वरक जैसे क्षेत्रों में इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के तहत अटके रिफंड भी अनंतिम आधार पर जारी किए जाएंगे.

फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (फियो) ने निर्यातकों के लिए नकदी की चुनौतियों को कम करने और रिफंड प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से जीएसटी परिषद के ऐतिहासिक निर्णयों का स्वागत किया है. फियो के अध्यक्ष एससी रल्हन ने कहा, "काउंसिल द्वारा जोखिम विश्लेषण के आधार पर सात दिनों के भीतर निर्यात रिफंड जारी करने और कपड़ा, फार्मा, रसायन और उर्वरक जैसे क्षेत्रों के लिए इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के तहत अनंतिम रिफंड जारी करने की मंजूरी एक बहुत ही स्वागत योग्य कदम है. ये सुधार कार्यशील पूंजी की रुकावटों को कम करने और हमारे निर्यातकों को समय पर राहत प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे." यह भी पढ़ें :GST 2.0: मिडिल क्लास को राहत, किसानों को भी सौगात; जानें किसे मिला क्या फायदा

उन्होंने आगे कहा कि ये उपाय न केवल भारत के निर्यात क्षेत्र को मजबूत करेंगे, बल्कि आपूर्ति श्रृंखलाओं पर दबाव कम करके घरेलू मांग में भी वृद्धि करेंगे. रल्हन ने मुताबिक,"एक मजबूत निर्यात इकोसिस्टम अनिवार्य रूप से घरेलू विनिर्माण और उपभोग को बढ़ावा देता है. ये कदम अर्थव्यवस्था में सकारात्मक गुणक प्रभाव पैदा करेंगे, जिससे उद्योग और उपभोक्ता दोनों को लाभ होगा." फियो के अध्यक्ष ने अंत में कहा कि 1000 रुपए से कम के जीएसटी रिफंड की अनुमति देने से छोटे और ई-कॉमर्स निर्यातकों को अत्यधिक लाभ होगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 04, 2025 05:03 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).