Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में नारकोटिक्स सेल की बड़ी कार्रवाई, फ्लैट में गांजे की खेती करने के आरोप में युवक गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा इलाके में पुलिस और नारकोटिक्स सेल ने बड़ी कार्रवाई की हैं. यहां एक नामी सोसायटी की एक फ़्लैट में जिसका नाम राहुल चौधरी है. उसे फ़्लैट में गांजे की खेती करने के आरोप में गिरफ्तार किया है.

Credit -(Photo : X)

Greater Noida: ग्रेटर नोएडा इलाके में पुलिस और नारकोटिक्स सेल ने बड़ी कार्रवाई की हैं. यहां एक नामी सोसायटी की एक फ़्लैट में जिसका नाम राहुल चौधरी है. उसे फ़्लैट में गांजे की खेती करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. पुलिस को गुप्त गुप्त सूचना मिली थी कि नोएडा के पार्श्वनाथ सोसायटी में एक फ़्लैट में गांजे की खेती हो रही है. जिस सूचना के बाद ग्रेटर नोएडा पुलिस और नारकोटिक्स सेल ने छापा मार युवक को  गिरफ्तार किया है. हालांकि पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत उसने की है.

मामले में चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि आरोपी युवक अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए घर के अंदर ही गांजे की खेती करने के साथ-साथ उसे डार्क वेब के जरिए गांजे को बेचता भी था. छापे  के दौरान संयुक्त टीम ने फ्लैट से खेती में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और बाकी नशीले पदार्थ भी बरामद किए हैं. यह भी पढ़े: VIDEO: कपास की खेती की आड़ में हो रही थी गांजे की खेती, इंदौर में नारकोटिक्स ने जब्त किए गांजे के 400 से ज्यादा पौधे, आरोपी हुआ फरारदरअसल इनडोर खेती एक भवन जैसी संरचना ( जैसे कि ग्रीनहाउस, बेसमेंट, गोदाम या अप्रयुक्त औद्योगिक भवन) के अंदर खेती करते हैं. इस प्रकार की खेती में ट्रैक्टर जैसी भारी मशीन की जरूत नहीं होती है. इसके साथ ही पारंपरिक खेती की तरह इसमें पानी की खपत बहुत कम होती है. कुछ इसी तरह से राहुल फ़्लैट में गांजे की खेती कर मोटी कमाई कर रहा था.

किराए के फ़्लैट में कर रहा था खेती:

राहुल चौधरी नशे की यह खेती करने के लिए ग्रेटर नोएडा में किराए का फ़्लैट ले रहा था. जिस फ़्लैट में सोसायटी वालों के चोरी से गांजे की खेती कर रहा था. लेकिन मंगलवार को उसके फ्लैट पर रेड पड़ने के बाद पुलिस ने उसे धरदबोचा. गिरफ्तार आरोपी राहुल चौधरी मेरठ के ग्राम धंजू थाना दौराला, का रहने वाला है.

जानें इनडोर खेती कैसे होती है:

दरअसल इनडोर खेती एक भवन जैसी संरचना ( जैसे कि ग्रीनहाउस, बेसमेंट, गोदाम या अप्रयुक्त औद्योगिक भवन) के अंदर खेती करते हैं. इस प्रकार की खेती में ट्रैक्टर जैसी भारी मशीन की जरूत नहीं होती है. इसके साथ ही पारंपरिक खेती की तरह इसमें पानी की खपत बहुत कम होती है. कुछ इसी तरह से राहुल फ़्लैट में गांजे की खेती कर मोटी कमाई कर रहा था.

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