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रेलवे की सुरक्षा और सुविधाओं पर नहीं है सरकार का ध्यान: पवन खेड़ा

कानपुर में साबरमती एक्सप्रेस के 22 डिब्बे पटरी से उतरने के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने लगातार हो रहे रेल हादसों को लेकर सवाल उठाए हैं. पवन खेड़ा ने आईएएनएस से बातचीत में रेल हादसों का जिक्र किया.

रेलवे की सुरक्षा और सुविधाओं पर नहीं है सरकार का ध्यान: पवन खेड़ा
Pawan Kheda

नई दिल्ली, 17 अगस्त : कानपुर में साबरमती एक्सप्रेस के 22 डिब्बे पटरी से उतरने के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने लगातार हो रहे रेल हादसों को लेकर सवाल उठाए हैं. पवन खेड़ा ने आईएएनएस से बातचीत में रेल हादसों का जिक्र किया. उन्होंने कहा, “रेल हादसे लगातार बढ़ते जा रहे हैं, बार-बार हमें कहा जाता है कि एक कवच लगा रखा है, अगर रेल गाड़ियों पर कवच लगा है तो ये क्या काम करता है, कौन सी कंपनी ने यह कवच दिया है. क्या सभी ट्रेन पर कवच लगा हुआ है.”

उन्होंने कहा, “रेल की सुरक्षा और सुविधा लगातार घटती जा रही है और रेल यात्रियों की चिंता बढ़ती जा रही है. इस दिशा में मुझे नहीं लगता कि सरकार गंभीर है. अभी पिछले ही हफ्ते रेलवे पर सीएजी रिपोर्ट आई, जिस तरह से फंड का दुरुपयोग किया गया है, वह उसमें दिखाई दे रहा है. ये देखकर समझ में आता है कि रेलवे की सुरक्षा और सुविधाओं पर कोई ध्यान नहीं है.” यह भी पढ़ें : वेणुगोपाल पीएसी के अध्यक्ष बने, प्राक्कलन समिति की अध्यक्षता संजय जायसवाल करेंगे

पवन खेड़ा ने डॉक्टरों की हड़ताल पर भी बात की. उन्होंने कहा, “अस्पतालों की हड़ताल तोड़फोड़ की वजह से नहीं, बल्कि कोलकाता में हुए रेप और हत्या की वजह से हो रही है. तोड़फोड़ करने वालों को सरकार चिन्हित करेगी और पुलिस उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी. डॉक्टर्स अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता में हैं और हम उनकी चिंता के समय उनके साथ खड़े हैं. अगर हम डॉक्टर्स को सुरक्षा नहीं दे पा रहे हैं तो जाहिर है कि वह अपनी ड्यूटी सही ढंग से नहीं कर पाएंगे.”

उन्होंने बांग्लादेश के हालात पर दिए सैम पित्रोदा के बयान पर बात करते हुए कहा, “बांग्लादेश से भारत की तुलना नहीं की जा सकती. भारत के लोकतंत्र की नींव पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभ भाई पटेल, बाबा साहब भीमराव अंबेडकर और महात्मा गांधी जैसे नेताओं ने रखी है. और इसे कोई हिला नहीं सकता.”

पवन खेड़ा ने उदयपुर की घटना का जिक्र करते हुए कहा, “उदयपुर की घटना को लेकर मैंने कलेक्टर से बात की. उदयपुर मेरा शहर है, स्थिति अभी शांत है और पूरी तरह से नियंत्रण में है. हम भी सभी नौजवानों से अपील करना चाहेंगे कि वो इस तरह की घटनाओं से बाहर दूर रहें और शहर में शांति बनाए रखें.” बता दें कि उदयपुर में शुक्रवार को दो छात्रों में हुई चाकूबाजी के बाद शहर में हिंसा फैल गई थी लेकिन शनिवार को यहां शांति है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 17, 2024 01:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).