Ganesh Chaturthi 2025: मुंबई के बाजारों में गणपति बप्पा के आगमन से पहले खरीदारी की धूम, प्रसाद, फूल और सजावट का सामान बिक रहा जोरों पर
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Ganesh Chaturthi 2025:  मुंबई सहित महाराष्ट्र में मनाए जाने वाले प्रमुख त्योहारों में गणेशोत्सव सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है. यह पर्व 27 अगस्त 2025 से शुरू होकर 6 सितंबर तक चलेगा. इसके आगमन को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है. भक्तों के दुखों को हरने वाले गणपति बप्पा के स्वागत के लिए मुंबई के बाजारों में सोमवार से ही खरीदारी की भीड़ उमड़ रही है. लोग प्रसाद, फूल, सजावट का सामान, बिजली की झालरें और पारंपरिक कपड़ों की खरीदारी में जुटे हैं.

बाजारों में प्रसाद और फूलों की खरीदारी

गणेशोत्सव के लिए भक्त बप्पा को चढ़ाने के लिए प्रसाद और फूलों की खरीदारी कर रहे हैं. मुंबई के दादर फूल मार्केट, भूलेश्वर मार्केट, और अन्य प्रमुख बाजारों में सुबह से ही फूलों की दुकानों पर भीड़ देखी जा रही है. लोग गेंदे, गुलाब, और अन्य फूलों की मालाएँ खरीद रहे हैं. जो पंडालों और घरों में गणपति की मूर्तियों को सजाने के लिए इस्तेमाल होंगी. इसके अलावा, रंगोली बनाने के लिए जैविक रंग, केले के पत्ते और अन्य प्राकृतिक सजावट सामग्री की मांग भी बढ़ गई है. यह भी पढ़े: Mumbai Cha Raja 2025 First Look Photos OUT: मुंबई चा राजा 2025 का पहला लुक आया सामने; देखें बप्पा का भव्य रूप

मिठाई की दुकानों पर उमड़ी भीड़

गणेशोत्सव में भगवान गणेश को मोदक, लड्डू, और अन्य मिठाइयों का भोग लगाया जाता है, जो बप्पा की पसंदीदा मिठाइयाँ मानी जाती हैं. मुंबई की प्रमुख मिठाई की दुकानों जैसे बिकानेर, हल्दीराम, और स्थानीय दुकानों में मोदक, पुरण पोली, करंजी, और बूंदी के लड्डू तैयार किए जा रहे हैं. कुछ लोग घर पर ही जैविक जायके और रागी जैसे स्वस्थ सामग्रियों से मिठाइयाँ बना रहे हैं। बाजारों में मिठाई की दुकानों पर सुबह से ही ग्राहकों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं.

इलेक्ट्रिक की दुकानों पर बढ़ी भीड़

घरों और पंडालों को सजाने के लिए बिजली की झालरों, एलईडी लाइट्स, और अन्य सजावटी सामानों की मांग तेजी से बढ़ रही है. लोग रंग-बिरंगी झालरें, लालटेन, और कम ऊर्जा वाली लाइट्स खरीद रहे हैं, जो पर्यावरण के अनुकूल हों. दादर, सायन के गांधी मार्केट, और कोलाबा के बाजारों में बिजली सजावट की दुकानों पर भीड़ देखी जा रही है.

कपड़ों की दुकानों पर भी उत्साह

गणेशोत्सव के दौरान पारंपरिक कपड़ों की मांग भी बढ़ जाती है. महिलाएँ पिछले एक हफ्ते से साड़ियाँ, लहंगे, और अनारकली सूट खरीदने के लिए बाजारों में उमड़ रही हैं। पुरुष धोती, कुर्ता, और पायजामा जैसे पारंपरिक परिधानों की खरीदारी कर रहे हैं. सायन के गांधी मार्केट, भूलेश्वर, और कोलाबा कॉजवे जैसे बाजारों में कपड़ों की दुकानों पर भीड़ देखी जा रही है. विशेष रूप से पीले और लाल रंग के परिधान, जो गणेशोत्सव के लिए शुभ माने जाते हैं, खूब बिक रहे हैं.