Bheemanna Khandre Dies: स्वतंत्रता सेनानी और पूर्व मंत्री भीमन्ना खांद्रे का 102 वर्ष की आयु में निधन, कर्नाटक की राजनीति के एक युग का हुआ अंत

कर्नाटक के दिग्गज कांग्रेस नेता और स्वतंत्रता सेनानी भीमन्ना खांद्रे का 102 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. वे कल्याण कर्नाटक क्षेत्र के एक कद्दावर नेता और सहकारिता आंदोलन के प्रणेता थे.

भीमन्ना खांड्रे (Photo Credits: X/@RahulGandhi)

Bheemanna Khandre Passes Away: कर्नाटक की राजनीति के भीष्म पितामह (Former Karnataka Minister)  कहे जाने वाले वयोवृद्ध कांग्रेस नेता (Congress Leader) और पूर्व मंत्री भीमन्ना खांद्रे (Bheemanna Khandre) का शुक्रवार देर रात निधन हो गया. 102 वर्षीय खांद्रे ने बीदर जिले के भाल्की (Bhalki) स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली. उनके बेटे और कर्नाटक के वन मंत्री ईश्वर खांद्रे (Karnataka Forest Minister Eshwar Khandre) ने इस दुखद समाचार की पुष्टि की. वे पिछले दो हफ्तों से सांस लेने में तकलीफ और उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे.

वीरशैव लिंगायत समुदाय के एक सम्मानित चेहरे, भीमन्ना खांद्रे का जाना राज्य के राजनीतिक परिदृश्य के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है. उनके परिवार में दो बेटे और चार बेटियां हैं. यह भी पढ़ें: Hidayat Patel Passed Away: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हिदायत पटेल का अस्पताल में हुआ निधन, 6 जनवरी की रात अकोला में हुआ था घायल

सार्वजनिक सेवा का लंबा सफर

पेशे से वकील रहे भीमन्ना खांद्रे भारत की आजादी के तुरंत बाद सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हो गए थे. उनकी चुनावी यात्रा 1953 में शुरू हुई जब वे भाल्की नगर पालिका के पहले अध्यक्ष चुने गए.

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सहकारिता आंदोलन के शिल्पी

भीमन्ना खांद्रे को उत्तर कर्नाटक में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा देने के लिए याद किया जाएगा.

स्वतंत्रता संग्राम में योगदान

एक स्वतंत्रता सेनानी के रूप में खांद्रे ने औपनिवेशिक शासन के खिलाफ संघर्ष में सक्रिय रूप से भाग लिया था. वे उन गिने-चुने नेताओं में से एक थे जिन्होंने आजादी की लड़ाई और आधुनिक भारत के निर्माण, दोनों में अपनी भूमिका निभाई. बीदर जिले के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और प्रशासनिक पारदर्शिता के कारण उन्हें दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सम्मान मिला.

राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

भीमन्ना खांद्रे के निधन पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है. कर्नाटक सरकार ने उनके दशकों की निस्वार्थ सेवा को देखते हुए राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया है. उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए भाल्की में रखा जाएगा, जिसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

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