Farmers Protest: पीएम मोदी ने किसानों का भ्रम किया दूर, कहा- कृषि कानूनों से ना MSP खत्म होगी और ना ही मंडियां
किसान आंदोलन को लेकर पीएम मोदी ने कहा, रातों-रात नहीं आया कानून, 20-25 साल से हो रही थी चर्चा
नई दिल्ली: पीएम मोदी (PM Modi) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आज मध्य प्रदेश के किसानों को संबोधित कर रहे थे. पीएम मोदी किसान से जुड़े अन्य मुद्दों पर संबोधित करते हुए करीब तीन हफ्ते से कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों के आंदोलन को लेकर भी अपनी प्रतिक्रया दी. प्रधानमंत्री ने नए कृषि कानूनों के बारे में कहा, इस कानून के आने से एक भी मंडी बंद नहीं हुई है. उन्होंने कहा सच्चाई तो ये है कि हमारी सरकार APMC को आधुनिक बनाने पर उनके कंप्यूटरीकरण पर 500 करोड़ रुपए से ज़्यादा खर्च कर रही है. सरकार को अगर MSP हटानी ही होती तो स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू ही क्यों करते. हमारी सरकार MSP को लेकर इतनी गंभीर है कि हर बार बुवाई से पहले MSP की घोषणा करती है.
वहीं किसानों के आंदोलन को लेकर पीएम मोदी ने कहा, देश में जो कानून पास हुआ है. ये कृषि सुधार कानून रातों-रात नहीं आए. पिछले 20-22 साल से हर सरकार ने इस पर व्यापक चर्चा की है. जिसके बाद यह कानून को पास किया किया. पीएम मोदी ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि किसानों को विपक्ष द्वारा सिर्फ भड़काया जा रहा है. यह भी पढ़े: Farmers Protest : भारतीय किसान संघ ने कृषि कानूनों में चार संशोधनों का दिया सुझाव
अगर हमें MSP हटानी ही होती तो स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू ही क्यों करते? हमारी सरकार MSP को लेकर इतनी गंभीर है कि हर बार, बुवाई से पहले MSP की घोषणा करती है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी pic.twitter.com/xuR3dxr2UK
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 18, 2020
ANI Tweet:
नए कानून के बाद एक भी मंडी बंद नहीं हुई है। फिर क्यों ये झूठ फैलाया जा रहा है? सच्चाई तो ये है कि हमारी सरकार APMC को आधुनिक बनाने पर, उनके कंप्यूटरीकरण पर 500 करोड़ रुपए से ज़्यादा खर्च कर रही है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी pic.twitter.com/tsaz0nErR8
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 18, 2020
पीएम मोदी अपने संबोधन के दौरान विपक्ष पर हमला करते हुए कहा किसानों को उन लोगों से जवाब मांगना चाहिए जो पहले अपने घोषणापत्रों में इन सुधारों की बात लिखते थे, बड़ी-बड़ी बातें करके किसानों के वोट बटोरते रहे. लेकिन अपने घोषणा पत्र में लिखे वादों को भी पूरा नहीं किया. सिर्फ इन मांगों को टालते रहे क्योंकि किसान उनकी प्राथमिकता नहीं था.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 18, 2020 03:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

