Fact Check: गुजरात के हजीरा पोर्ट पर हमले का फर्जी वीडियो हो रहा शेयर, भारत-पाकिस्तान युद्ध से जोड़कर देखा जा रहा; जानें भ्रामक दावे की असली सच्चाई
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें समुद्र किनारे एक जबरदस्त धमाका और आग की लपटें दिख रही हैं. दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो गुजरात के हजीरा पोर्ट (Hazira Port) पर हमले का है.
Fact Check: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें समुद्र किनारे एक जबरदस्त धमाका और आग की लपटें दिख रही हैं. दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो गुजरात के हजीरा पोर्ट (Hazira Port) पर हमले का है. लेकिन सरकार की तरफ से इस वीडियो पर बड़ा फैक्ट चेक सामने आया है. PIB Fact Check ने साफ किया है कि यह दावा पूरी तरह फर्जी है. वीडियो का गुजरात से कोई लेना-देना नहीं है. असल में यह वीडियो दुबई के जेबेल अली पोर्ट (Jebel Ali Port) का है, जहां 7 जुलाई 2021 को एक ऑयल टैंकर में धमाका हुआ था.
दुबई सरकार के मीडिया ऑफिस की ओर से उस समय एक आधिकारिक बयान भी जारी किया गया था, जिसमें बताया गया था कि एक जहाज में आग लगी थी और फायर ब्रिगेड की टीम उस पर काबू पाने में जुटी हुई थी.
हजीरा पोर्ट पर हमले का फर्जी वीडियो हो रहा शेयर
दुबई के जेबेल अली पोर्ट का है वीडियो
वहीं, Reuters की रिपोर्ट में बताया गया था कि धमाके की आवाज कई मील दूर तक सुनी गई थी और आसपास की इमारतों के कांच तक चटक गए थे. सोशल मीडिया पर उस वक्त दुबई के लोगों ने ऊंची इमारतों से यह वीडियो रिकॉर्ड किया था और इंटरनेट पर डाला था, जिसे अब कुछ लोग भ्रामक दावों के साथ शेयर कर रहे हैं.
यह वीडियो DP World द्वारा संचालित जेबेल अली पोर्ट का है, जो मिडल ईस्ट का सबसे बड़ा पोर्ट माना जाता है और यहां से भारत, अफ्रीका और एशिया के कई देशों को सामान भेजा जाता है.
भ्रामक वीडियो शेयर करने से बचें
सरकार ने साफ अपील की है कि इस वीडियो को गुजरात या भारत से जोड़कर शेयर न करें, क्योंकि इससे जनता में डर और भ्रम फैल सकता है. ऐसे भ्रामक वीडियो शेयर करने पर आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई भी हो सकती है. लोगों से अपील की गई है कि किसी भी वीडियो या खबर को शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांचें और अधिकृत स्रोतों पर भरोसा करें.
मतलब जो वीडियो गुजरात के हजीरा पोर्ट पर हमले का बताकर शेयर किया जा रहा है, वह दुबई के एक पुराने हादसे का वीडियो है. PIB Fact Check ने इसे फेक न्यूज करार दिया है.