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Fake Call Center : दिल्ली में चीनी लोन धोखाधड़ी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 18 गिरफ्तार

एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. पुलिस के अनुसार, गृह मंत्रालय के साइबर क्राइम रिपोटिर्ंग पोर्टल पर एक शिकायत साइबर नॉर्थ पुलिस थाने में प्राप्त हुई थी, जिसमें मजनू का टीला निवासी शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि 25 फरवरी को शिकायतकर्ता के मोबाइल पर एक महिला का फोन आया था.

Fake Call Center : दिल्ली में चीनी लोन धोखाधड़ी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 18 गिरफ्तार
गिरफ्तार (Photo Credits: Twitter)

नई दिल्ली, 7 अप्रैल: दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रमुख वित्त कंपनियों की आड़ में संचालित एक चीनी ऋण (लोन) धोखाधड़ी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है. साथ ही पुलिस ने सात महिलाओं सहित 18 लोगों को गिरफ्तार किया है. एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. पुलिस के अनुसार, गृह मंत्रालय के साइबर क्राइम रिपोटिर्ंग पोर्टल पर एक शिकायत साइबर नॉर्थ पुलिस थाने में प्राप्त हुई थी, जिसमें मजनू का टीला निवासी शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि 25 फरवरी को शिकायतकर्ता के मोबाइल पर एक महिला का फोन आया था. महिला ने बताया था कि आपकी बेटी ने 3500 रुपये का कर्ज लिया है, आप लिंक के माध्यम से रुपये जमा करें अन्यथा आपकी बेटी की नग्न फोटो वायरल कर दी जाएगी. यह भी पढ़ें: Fake Foreign Job Scam : फर्जी विदेश नौकरी का झांसा देकर लोगों को ठगने वाले तीन लोग गिरफ्तार

पुलिस उपायुक्त (उत्तर) सागर सिंह कलसी ने कहा कि उसके बाद किसी ने उनकी बेटी की तस्वीर को एक अश्लील तस्वीर के साथ एडिट किया और शिकायतकर्ता के व्हाट्सऐप नंबर पर भेज दिया. उस तस्वीर में शिकायतकर्ता और उसकी बेटी के फोन नंबरों के साथ एक्सएक्सएक्सएक्सएक्स, एक रात केवल 3000 जैसे अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया गया था.

जांच के दौरान, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मनी ट्रेल का तकनीकी विश्लेषण किया गया और संदिग्ध मोबाइल नंबरों की निगरानी की गई, जो कथित कॉलिंग नंबर दिल्ली के संगम विहार में ट्रेस हुआ. एक अधिकारी ने कहा कि संगम विहार इलाके में छापेमारी की गई और एक रेणु नाम की महिला को पकड़ा गया, जिसने खुलासा किया कि वह एक कॉल सेंटर में काम करती है, जो ईस्ट ऑफ कैलाश में स्थित है. महिला द्वारा दी गई जानकारी संदिग्ध नंबर के दिन के समय के स्थान से मैच हो गई.

ईस्ट ऑफ कैलाश में और छापेमारी की गई, जहां एक कॉल सेंटर चल रहा था जिसमें लगभग 50 लोग काम कर रहे थे. कर्मचारियों से पूछताछ करने पर पता चला कि आधे कर्मचारी प्रमुख वित्त कंपनियों के लिए काम कर रहे थे और उनकी आड़ में अन्य कर्मचारी चाइनीज लोन फ्रॉड ऐप्स पर काम कर रहे थे.

अधिकारी ने कहा कि ऐप पर काम करने वाले कुल 17 लोगों को पकड़ा गया है. सरिता विहार निवासी टीम के लीडर अमित को गिरफ्तार कर लिया गया है और वह फिलहाल पुलिस रिमांड पर है. हालांकि, मुख्य आरोपी मोहसिन और उसके साथी अभी भी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.

अधिकारी ने कहा कि अमित और खान पहले बजाज और आईडीएफसी के ईएमआई लोन रिमाइंडर्स के लिए कॉल सेंटर में काम करते थे, लेकिन आमदनी कम होने की वजह से उन्होंने फर्जी चाइनीज लोन रिकवरी ऐप के कॉल सेंटर का विकल्प चुना. अमित को कॉल सेंटर के कर्मचारियों पर एक लीडर के रूप में तैनात किया गया था और मोहसिन खान और उसका दोस्त फिरदौस इन नकली चीनी ऐप्स के लिए लॉगिन आईडी और पासवर्ड प्रदान करते थे. कॉल सेंटर के कर्मचारी मोहसिन द्वारा स्थापित वीओआइपी सिम बॉक्स गेटवे उपकरणों के माध्यम से कॉल करते थे, जो पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए इसे बार-बार बदल दिया करते थे.

अधिकारी ने कहा कि शिकायतकर्ताओं द्वारा चीनी ऐप्स में दिए गए लिंक पर भुगतान किया जाता था और मोहसिन अपने सीनियरों से अपना हिस्सा प्राप्त करता था. कथित कॉल सेंटर से कई डेस्कटॉप, लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनसे तकनीकी विश्लेषण के लिए डेटा निकाला गया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 07, 2023 06:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).