Bengaluru Metro Fare Hike: बेंगलुरु मेट्रो का सफर हुआ महंगा, 9 फरवरी से लागू होगा नया किराया, जानें कितनी ढीली होगी जेब
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Bengaluru Metro Fare Hike:  बेंगलुरु में मेट्रो से सफर करने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है. बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMRCL) ने मेट्रो के किराए में 5 प्रतिशत की वार्षिक बढ़ोतरी की घोषणा की है. यह नई दरें 9 फरवरी 2026 से पूरे मेट्रो नेटवर्क पर प्रभावी होंगी. इस फैसले के बाद यात्रियों को अब प्रति यात्रा 1 रुपये से लेकर 5 रुपये तक अतिरिक्त भुगतान करना होगा.

नई किराया दरें और बदलाव

किराया निर्धारण समिति (FFC) की सिफारिशों के आधार पर किए गए इस बदलाव के बाद मेट्रो का न्यूनतम और अधिकतम किराया बदल गया है. यह भी पढ़े: Bengaluru Metro Fare Hike: बेंगलुरु मेट्रो का सफर होगा और महंगा, फरवरी महीने से किराए में 5 फीसदी की बढ़ोतरी; चेक डिटेल्स

  • न्यूनतम किराया: अब 10 रुपये के बजाय 11 रुपये होगा (0-2 किमी के लिए).

  • अधिकतम किराया: 90 रुपये से बढ़कर अब 95 रुपये कर दिया गया है (30 किमी से अधिक के लिए).

बीएमआरसीएल के अनुसार, किराए को निकटतम रुपये में राउंड ऑफ किया गया है. उदाहरण के लिए, यदि 5% की वृद्धि के बाद किराया 31.50 रुपये होता है, तो उसे 32 रुपये माना जाएगा.

क्यों बढ़ाया गया किराया?

मेट्रो प्रशासन का कहना है कि यह बढ़ोतरी एक 'ऑटोमैटिक फेयर रिवीजन' फॉर्मूले का हिस्सा है. परिचालन और रखरखाव (O&M) लागत में 10.20% की वृद्धि दर्ज की गई थी, लेकिन समिति के दिशा-निर्देशों के कारण इसे केवल 5% तक ही सीमित रखा गया है. बीएमआरसीएल ने स्पष्ट किया कि वित्तीय स्थिरता और भविष्य की परियोजनाओं के विस्तार के लिए यह कदम अनिवार्य है.

स्मार्ट कार्ड और अन्य डिस्काउंट

राहत की बात यह है कि स्मार्ट कार्ड और क्यूआर कोड (QR Code) उपयोगकर्ताओं के लिए मौजूदा डिस्काउंट जारी रहेंगे.

  • पीक ऑवर्स के दौरान 5% की छूट मिलती रहेगी.

  • नॉन-पीक ऑवर्स, रविवार और राष्ट्रीय अवकाश के दिन 10% की छूट बरकरार रहेगी.

  • एक दिवसीय और तीन दिवसीय पास (Tourist Cards) की कीमतों में भी आनुपातिक बदलाव होगा.

यात्रियों पर प्रभाव

बेंगलुरु मेट्रो को पहले ही देश की सबसे महंगी मेट्रो प्रणालियों में से एक माना जाता है. पिछले साल भी किराए में भारी बढ़ोतरी के प्रस्ताव का व्यापक विरोध हुआ था, जिसके बाद इसे सीमित किया गया था. यात्रियों और नागरिक समूहों ने इस वार्षिक बढ़ोतरी पर चिंता जताई है. उनका तर्क है कि बार-बार किराए में वृद्धि से लोग सार्वजनिक परिवहन के बजाय निजी वाहनों को प्राथमिकता दे सकते हैं.