Delhi Missing News: दिल्ली में लापता होने के डराने वाले आंकड़े, 2026 में 15 दिनों में 807 लोग गायब; महिलाओं-बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा
दिल्ली पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2026 के शुरुआती 15 दिनों में राजधानी से 807 लोग लापता हुए हैं. इनमें महिलाओं और नाबालिगों की संख्या चिंताजनक है, जो सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है.
Delhi Missing News: देश की राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक स्थिरता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. दिल्ली पुलिस द्वारा जारी हालिया आंकड़ों के मुताबिक, साल 2026 के पहले 15 दिनों (1 जनवरी से 15 जनवरी) के भीतर ही कुल 807 लोग लापता हो गए हैं. इसका मतलब है कि दिल्ली में औसतन हर दिन 54 लोग अपने घरों से गायब हो रहे हैं. सबसे चिंताजनक बात यह है कि लापता होने वालों में दो-तिहाई संख्या महिलाओं और नाबालिग लड़कियों की है.
महिलाओं-लड़कियों पर मंडराता खतरा
पुलिस आंकड़ों के अनुसार, कुल 807 लापता लोगों में से 509 महिलाएं और लड़कियां शामिल हैं, जबकि पुरुषों की संख्या 298 है. वयस्कों की श्रेणी में 616 लोग लापता हुए, जिनमें 363 महिलाएं और 253 पुरुष शामिल हैं. यह भी पढ़े: Mumbai Child Missing-Kidnapping: मुंबई में बच्चों के गायब-अपहरण की खबरों को मुंबई पुलिस ने बताया अफवाह, गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ करेगी कार्रवाई
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पुलिस अब तक 91 महिलाओं और 90 पुरुषों को ढूंढने में सफल रही है.
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हालांकि, 435 वयस्क अब भी लापता हैं, जिनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है.
15 दिनों में 191 नाबालिग गायब
बच्चों की सुरक्षा को लेकर आंकड़े और भी भयावह तस्वीर पेश करते हैं. जनवरी के पहले पखवाड़े में 191 नाबालिग लापता हुए, जिनमें 146 लड़कियां थीं.
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किशोर (12-18 वर्ष): इस आयु वर्ग के 169 बच्चे गायब हुए, जिनमें से 138 लड़कियां थीं. इनमें से 71 प्रतिशत (लगभग 121 बच्चे) अब भी लापता हैं.
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छोटे बच्चे: 8 से 12 साल के 13 बच्चे और 8 साल से कम उम्र के 9 बच्चे लापता हुए हैं.
पुलिस की कार्रवाई और 'ऑपरेशन मिलाप'
दिल्ली पुलिस लापता लोगों को ढूंढने के लिए लगातार अभियान चला रही है. दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने 'ऑपरेशन मिलाप' के तहत जनवरी महीने में 75 लोगों को ढूंढकर उनके परिजनों से मिलाया है, जिनमें 28 बच्चे शामिल हैं. पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर तस्वीरें प्रसारित करने और स्थानीय मुखबिरों की मदद लेने जैसे कदम उठा रही है.
पिछले दशक का डरावना ट्रेंड
अगर पिछले 10 सालों (2016-2026) का विश्लेषण करें, तो दिल्ली में लापता होने के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है.
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इस दशक में कुल 2,32,737 लोग लापता हुए.
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इनमें से लगभग 1.8 लाख लोगों का पता लगाया जा चुका है, लेकिन करीब 52,000 मामले अब भी अनसुलझे हैं.
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वर्ष 2025 में भी कुल 24,508 लोग लापता हुए थे, जिनमें 60 प्रतिशत से ज्यादा महिलाएं थीं.
अधिकारियों का कहना है कि लापता होने के पीछे अपहरण, पारिवारिक विवाद, आर्थिक तंगी और मानव तस्करी जैसे कई गंभीर कारण हो सकते हैं, जिनकी गहराई से जांच की जा रही है.