Earthquake In Nepal: नेपाल में 5.5 तीव्रता वाली भूकंप के झटकों ने सबको डराया, बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में महसूस हुई हलचल
भूकंप

Earthquake In Nepal: बिहार(Bihar) की राजधानी पटना(Patna) सहित नेपाल, पश्चिम बंगाल(West Bengal और सिक्किम(Sikkim) के कई हिस्सों में गुरुवार तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.5 मापी गई और इसका केंद्र नेपाल के बागमती प्रांत में स्थित था. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी(National Center for Seismology) के अनुसार, भूकंप के झटके सुबह 2:35 बजे महसूस किए गए. नेपाल का बागमती प्रांत बिहार के मुजफ्फरपुर से 189 किलोमीटर उत्तर में स्थित है. भूकंप के झटकों के कारण फिलहाल किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है. हालांकि, हल्के झटकों से लोगों में घबराहट जरूर देखने को मिली.

पटना और आसपास के इलाकों में महसूस हुए झटके

वीडियो में देखें भूकंप का असर

बिहार की राजधानी पटना में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए. सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस दौरान के वीडियो साझा किए, जिनमें छत के पंखे और इमारतें हिलती नजर आईं. एक X (पूर्व में ट्विटर) यूजर ने दावा किया कि झटके करीब 35 सेकंड तक महसूस किए गए. हालांकि, कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है.

पाकिस्तान और असम में भी भूकंप

नेपाल और बिहार के अलावा, गुरुवार सुबह पाकिस्तान में भी भूकंप दर्ज किया गया*. पाकिस्तान में आए भूकंप की तीव्रता 4.5 दर्ज की गई, जो सुबह 5:14 बजे महसूस किया गया. इसके अलावा, असम के मोरीगांव जिले में भी सुबह 2:25 बजे भूकंप आया, जिसकी तीव्रता 5.0 मापी गई. असम में भी किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है.

मध्यम तीव्रता का था भूकंप

विशेषज्ञों के अनुसार, 5.5 तीव्रता का भूकंप मध्यम श्रेणी में आता है. और इससे भूकंप के केंद्र के आसपास मामूली प्रभाव देखने को मिल सकते हैं. खासकर, पुरानी और कमजोर इमारतों में दरारें पड़ने या हल्की क्षति का खतरा बना रहता है*. हालाँकि, इस भूकंप से किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है.

भूकंप के समय क्या करें और क्या न करें?

1. खुले स्थान पर चले जाएं और ऊंची इमारतों से दूर रहें.

2. बिल्डिंग के अंदर हों तो टेबल या मजबूत फर्नीचर के नीचे छिपें.

3. लिफ्ट का इस्तेमाल न करें, सीढ़ियों का उपयोग करें.

4. खिड़कियों और भारी वस्तुओं से दूर रहें.

5. सरकारी निर्देशों का पालन करें और अफवाहों पर ध्यान न दें.

नेपाल और भारत के हिमालयी क्षेत्र भूकंप संवेदनशील जोन में आते हैं, जहां हल्के से लेकर तेज भूकंप अक्सर आते रहते हैं. ऐसे में प्रशासन और आम जनता को हमेशा सतर्क रहने की जरूरत होती है.